कोलकाता: इको पार्क में दिए गए बयान में दिलीप घोष ने कहा कि कल तृणमूल भवन पर उसके ही मालिक ने कब्जा कर लिया। उन्होंने तंज कसते हुए सवाल उठाया कि क्या अब तृणमूल अपना मुख्यालय भी खोने की स्थिति में पहुंच रही है। उनके इस बयान को लेकर राजनीतिक हलकों में नई बहस शुरू हो गई है और तृणमूल की ओर से इस पर प्रतिक्रिया आने की संभावना जताई जा रही है।
विधानसभा स्पीकर की भूमिका पर हाईकोर्ट में सवाल
दिलीप घोष ने विधानसभा के स्पीकर की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बिना विधानसभा सत्र बुलाए स्पीकर यह कैसे तय कर सकते हैं कि किस पक्ष के पास कितनी संख्या है। इस मुद्दे को लेकर पहले से ही कानूनी और राजनीतिक चर्चा चल रही है और मामला हाईकोर्ट तक पहुंचने की बात कही जा रही है।
स्वरूप विश्वास पर वसूली का नया आरोप
स्वरूप विश्वास के खिलाफ एक बार फिर वसूली का आरोप सामने आया है। आरोप के अनुसार एक महिला ने दावा किया है कि स्वरूप विश्वास ने उससे दुकान खोलने के नाम पर अस्सी लाख रुपये की मांग की थी। इस मामले के सामने आने के बाद राजनीतिक विवाद और गहरा गया है तथा जांच की मांग भी उठने लगी है।
संदेशखाली में हथियार बरामदगी से हड़कंप
संदेशखाली के खुलना क्षेत्र में तृणमूल नेता दिलीप मल्लिक के घर के पास नदी किनारे से हथियार बरामद होने की घटना से इलाके में हड़कंप मच गया है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि हथियार वहां कैसे पहुंचे और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं।
जनकल्याण शिविरों में अव्यवस्था और भगदड़ जैसी स्थिति
राज्य के विभिन्न स्थानों पर आयोजित जनकल्याण शिविरों में अव्यवस्था की शिकायतें सामने आई हैं। कई जगहों पर भीड़ नियंत्रण बिगड़ने से भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थानीय प्रशासन पर व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
चुनाव परिणाम को लेकर ममता बनर्जी की कानूनी तैयारी
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा चुनाव परिणाम को लेकर एक बार फिर हाईकोर्ट जाने की तैयारी की बात सामने आई है। इससे राज्य की राजनीति में नई हलचल तेज हो गई है और विपक्षी दलों की प्रतिक्रिया भी सामने आने लगी है।
अभिषेक बनर्जी की पेशी का लगातार तीसरा दिन
अभिषेक बनर्जी की पेशी का कल लगातार तीसरा दिन रहा। इस घटनाक्रम को लेकर राजनीतिक गलियारों में लगातार चर्चा जारी है और आगे की कानूनी प्रक्रिया पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।