कोलकाता: दक्षिण 24 परगना के फलता में हुई हिंसा और थाने पर हमले के मामले में राज्य सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की राज्य विरोधी गतिविधियों से संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी। साथ ही दोषियों की संपत्ति जब्त कर क्षतिपूर्ति राशि भी वसूली जाएगी।
नवान्न से मुख्यमंत्री का बड़ा बयान
नवान्न में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि 16 जून को फलता में हुई घटना को लेकर कुल तीन मामले दर्ज किए गए हैं। उन्होंने बताया कि हमलावरों के खिलाफ राष्ट्रविरोधी गतिविधियों से जुड़ी धाराएं लगाई गई हैं और दोषियों को उदाहरणात्मक सजा दिलाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने कहा कि केवल कानूनी कार्रवाई ही नहीं, बल्कि हिंसा से हुए नुकसान की भरपाई के लिए आरोपियों की संपत्ति भी जब्त की जाएगी।
अब तक 25 लोगों की गिरफ्तारी
फलता हिंसा मामले में पुलिस अब तक 25 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें से 12 आरोपी पुलिस हिरासत में हैं, जबकि 13 आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो की मदद से अन्य संदिग्धों की पहचान की जा रही है। जांच के आधार पर आगे और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।
थाने से आरोपी को छुड़ाने की थी साजिश
जानकारी के अनुसार, मंगलवार को फलता के शतल कलसा इलाके में लगातार विरोध प्रदर्शन चल रहा था। इसी दौरान जहांगीर नामक आरोपी को थाने से छुड़ाने की योजना बनाई गई थी। आरोप है कि उसके समर्थक बड़ी संख्या में फलता थाने की ओर बढ़ रहे थे। पुलिस को पहले ही इस संभावित हमले की सूचना मिल गई थी, जिसके बाद सुरक्षा बलों ने तत्काल मोर्चा संभाल लिया और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कार्रवाई शुरू की।
तालाब में कूदकर भागे हमलावर
पुलिस की घेराबंदी और कार्रवाई के दौरान कई हमलावर बचने के लिए इधर-उधर भागने लगे। भागने का रास्ता नहीं मिलने पर कुछ लोगों ने पास के तालाब में छलांग लगा दी। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसके आधार पर पुलिस आरोपियों की पहचान करने में जुटी हुई है।
जांच जारी, और कार्रवाई के संकेत
राज्य सरकार का कहना है कि मामले की जांच पूरी गंभीरता से की जा रही है। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि हिंसा में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और कानून के तहत कड़ी से कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।