कोलकाता: पश्चिम बंगाल में उच्च प्राथमिक विद्यालयों के लिए वर्ष 2016 की शिक्षक भर्ती प्रक्रिया से जुड़े सुपर न्यूमेरारी (अतिरिक्त) पदों के मामले में बड़ा मोड़ आया है। राज्य सरकार ने कार्य शिक्षा और शारीरिक शिक्षा विषय के लिए बनाए गए 1,600 अतिरिक्त पदों पर भर्ती से संबंधित अधिसूचना वापस ले ली है। कलकत्ता हाईकोर्ट की न्यायमूर्ति राजशेखर मंथा की पीठ के समक्ष सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से यह जानकारी दी गई, जिसके बाद इन अतिरिक्त पदों का अस्तित्व पूरी तरह समाप्त हो गया है।
साल 2016 की भर्ती और अतिरिक्त पदों का गठन
पूर्ववर्ती राज्य सरकार ने वर्ष 2016 के उच्च माध्यमिक परीक्षा के तहत कार्य शिक्षा और शारीरिक शिक्षा विषयों के शिक्षकों की भर्ती के लिए 1,600 अतिरिक्त सुपर न्यूमेरारी पद सृजित किए थे। इस फैसले के तहत प्रतीक्षा सूची (वेटलिस्ट) में शामिल उम्मीदवारों को समायोजित करने की योजना बनाई गई थी। हालांकि, अतिरिक्त पद सृजित करने के इस कदम को जल्द ही कानूनी चुनौती दी गई और मामला अदालत पहुंच गया।
हाईकोर्ट का अंतरिम स्थगनादेश और सीबीआई जांच का निर्देश
इस फैसले के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए अप्रैल 2023 में हाईकोर्ट की न्यायमूर्ति विश्वजीत बासु की एकल पीठ ने सुपर न्यूमेरारी पदों पर भर्ती प्रक्रिया पर अंतरिम रोक लगा दी थी। इसके साथ ही अदालत ने तत्कालीन राज्य मंत्रिमंडल द्वारा लिए गए इस निर्णय के खिलाफ केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की जांच के आदेश भी जारी किए थे।
सुप्रीम कोर्ट का रुख और सीबीआई जांच पर रोक
मामला बाद में शीर्ष अदालत तक पहुंचा। सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट द्वारा दिए गए सीबीआई जांच के आदेश पर रोक लगा दी थी, लेकिन मंत्रिमंडल के निर्णय के तहत अतिरिक्त पद सृजित कर भर्ती करने की प्रक्रिया में हस्तक्षेप नहीं किया था। शीर्ष अदालत का मानना था कि राज्य सरकार के ऐसे नीतिगत प्रशासनिक निर्णयों में तुरंत हस्तक्षेप करने से संघीय ढांचे पर प्रभाव पड़ सकता है।
हाईकोर्ट में नई सरकार का रुख
न्यायमूर्ति राजशेखर मंथा की पीठ के समक्ष हुई सुनवाई में राज्य सरकार की ओर से पेश अधिवक्ताओं ने स्पष्ट किया कि प्रशासन पिछली सरकार द्वारा जारी की गई अधिसूचना के आधार पर इन 1,600 सुपर न्यूमेरारी पदों पर भर्ती प्रक्रिया को आगे नहीं बढ़ाएगा। सरकार ने इस संबंध में जारी पूर्व अधिसूचना को आधिकारिक रूप से वापस लेने का फैसला किया।
5. 1,600 पदों का अस्तित्व समाप्त
राज्य सरकार द्वारा अदालत में अधिसूचना वापस लेने की घोषणा किए जाने के बाद इन 1,600 अतिरिक्त पदों का अस्तित्व अब समाप्त हो गया है। इसके साथ ही पुरानी अधिसूचना के आधार पर होने वाली समायोजन प्रक्रिया पर भी पूर्ण विराम लग गया है।