कोलकाता: भारतीय नौसेना की समुद्री सुरक्षा, निगरानी और त्वरित कार्रवाई क्षमताओं को और मजबूत करने के उद्देश्य से कोलकाता स्थित 'गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स' (GRSE) में नए नेक्स्ट जनरेशन ऑफशोर पेट्रोल वेसल (NGOPV) 'श्रुति' का जलावतरण किया गया। आत्मनिर्भर भारत पहल के तहत स्वदेशी तकनीक और संसाधनों से निर्मित इस अत्याधुनिक गश्ती पोत को समुद्री सीमाओं की रक्षा, घुसपैठ और तस्करी रोकने तथा समुद्री डाकुओं के खिलाफ अभियानों को अंजाम देने के लिए डिजाइन किया गया है।
पोत की क्षमता और अत्याधुनिक विशेषताएं
लगभग 3,000 टन डिजाइन डिस्प्लेसमेंट वाले इस युद्धपोत की लंबाई 113 मीटर और चौड़ाई 14.6 मीटर है। 'श्रुति' की अधिकतम गति लगभग 23 समुद्री मील (Knots) है और यह 14 नॉट की रफ्तार से लगातार लगभग 8,500 समुद्री मील की दूरी तय करने में सक्षम है। इसमें अत्याधुनिक हथियार, उन्नत सेंसर सिस्टम और हेलीकॉप्टर संचालन के लिए डेक की सुविधा मौजूद है, जिससे लंबी अवधि तक समुद्र में रहकर तलाशी और विशेष अभियानों का संचालन किया जा सकता है।
बहुआयामी भूमिका और 148 नौसैनिकों की क्षमता
यह एनजीओपीवी पोत केवल सुरक्षा और गश्त तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि खोज एवं बचाव अभियान (Search and Rescue), मानवीय सहायता और आपदा राहत कार्यों में भी अहम भूमिका निभाएगा। इस जहाज पर कुल 148 नौसेना कर्मी तैनात रह सकते हैं, जिनमें 24 अधिकारी और 124 नाविक शामिल हैं। हिंद महासागर क्षेत्र में देश के रणनीतिक हितों की रक्षा के लिए 'श्रुति' भारतीय नौसेना के लिए एक महत्वपूर्ण हथियार साबित होगा।