कोलकाता: पश्चिम बंगाल में कथित नौकरी घोटाले की जांच लगातार नए मोड़ ले रही है। पूर्व विधायक सुजय हाजरा की गिरफ्तारी के बाद अब तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के करीबी सहयोगी सुमित राय का नाम भी विवादों में आ गया है। डेबरा थाने में दर्ज एक शिकायत के आधार पर पुलिस ने सुमित के खिलाफ भी मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सरकारी नौकरी का झांसा देकर वसूली का आरोप
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि सरकारी विभागों में नौकरी दिलाने का भरोसा देकर उनसे बड़ी रकम ली गई। दावा किया गया कि नौकरी की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के लिए अलग-अलग चरणों में पैसे जमा कराने को कहा गया। आवेदकों को यह विश्वास दिलाया गया कि उनकी नियुक्ति लगभग तय है और जल्द ही उन्हें सरकारी पद मिल जाएगा।
भरोसा बढ़ाने के लिए कराई गई औपचारिकताएं
जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, नौकरी के इच्छुक युवाओं को विभिन्न सरकारी कार्यालयों में ले जाया गया और उनसे कुछ जरूरी प्रक्रियाएं भी पूरी कराई गईं। मेडिकल जांच और दस्तावेजों की जांच जैसी गतिविधियों ने उम्मीदवारों का भरोसा और मजबूत किया। हालांकि, समय बीतने के बावजूद नियुक्ति प्रक्रिया पूरी नहीं हुई।
‘ऊंचे स्तर तक पहुंचाने होंगे पैसे’ का दावा
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि बाद में उम्मीदवारों से और रकम मांगी गई। उन्हें बताया गया कि नियुक्ति सुनिश्चित करने के लिए प्रभावशाली लोगों तक पैसे पहुंचाने होंगे। इसी दौरान कथित नियुक्ति पत्र भी दिए गए, लेकिन बाद में उनकी वैधता पर सवाल खड़े हो गए।
सुजय हाजरा से पूछताछ में सामने आया नाम
पुलिस हिरासत में मौजूद पूर्व विधायक सुजय हाजरा से पूछताछ के दौरान कई अहम जानकारियां मिली हैं। जांच एजेंसियों का कहना है कि इसी क्रम में सुमित राय का नाम भी सामने आया, जिसके बाद उन्हें मामले में शामिल करते हुए जांच का दायरा बढ़ाया गया।
सुमित की तलाश में कई जगह छापेमारी
सुमित राय की तलाश में पुलिस और जांच एजेंसियां लगातार कार्रवाई कर रही हैं। कोलकाता और अन्य जिलों में संभावित ठिकानों पर छापेमारी की गई है, लेकिन अब तक उनका पता नहीं चल सका है। जांचकर्ताओं का मानना है कि मामले में और भी अहम खुलासे हो सकते हैं।
जांच पर टिकी राजनीतिक नजरें
मामले में तृणमूल कांग्रेस के एक प्रभावशाली नेता के करीबी का नाम सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है। विपक्ष इस मुद्दे को लेकर सरकार पर सवाल उठा रहा है, जबकि जांच एजेंसियां पूरे मामले की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हुई हैं।