कोलकाता: लगातार हो रही भारी बारिश के बीच उत्तर कोलकाता के जोराबागान इलाके में मंगलवार, 18 अगस्त 2026 की तड़के एक बड़ा हादसा हो गया। ब्रजदुलाल स्ट्रीट के 24 नंबर वार्ड में स्थित करीब 200 साल पुरानी तीन मंजिला जर्जर इमारत का एक बड़ा हिस्सा अचानक ढह गया। हादसे में 53 वर्षीय उर्मिला शॉ मलबे की चपेट में आ गईं। उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद KMC, कोलकाता पुलिस के डिजास्टर मैनेजमेंट ग्रुप, दमकल विभाग और NDRF की टीमें मौके पर पहुंचीं। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान इमारत में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
तड़के अचानक भरभराकर गिरा इमारत का हिस्सा
जानकारी के मुताबिक, हादसा सुबह करीब 4:15 से 5:30 बजे के बीच हुआ। लगातार बारिश के बीच इमारत का आगे और पीछे का हिस्सा तेज आवाज के साथ ढह गया। उर्मिला शॉ अपने पति मनोज साव और दो बेटों के साथ ग्राउंड फ्लोर पर थीं। इमारत में कंपन महसूस होने पर परिवार बाहर निकलने लगा। इसी दौरान छत और दीवार का एक बड़ा हिस्सा उर्मिला के ऊपर गिर गया। पड़ोसियों की मदद से उन्हें मलबे से निकाला गया और कोलकाता मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।
भारी बारिश को हादसे का संभावित ट्रिगर बताया
KMC इंजीनियरों के शुरुआती आकलन के मुताबिक, लगातार हुई भारी बारिश ने पहले से कमजोर इमारत की स्थिति को और खराब कर दिया। बताया गया कि करीब 100 मिमी से अधिक बारिश के कारण पुरानी संरचना में पानी का रिसाव बढ़ा, जिससे बीम और गर्डर कमजोर हुए। KMC के अनुसार, यह इमारत पहले से ही जर्जर और खतरनाक घोषित की जा चुकी थी और वहां चेतावनी संबंधी नोटिस भी लगाया गया था।
NDRF और DMG ने चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन
घटना की सूचना मिलते ही NDRF, दमकल विभाग और कोलकाता पुलिस की DMG टीम मौके पर पहुंची। राहत एवं बचाव अभियान में प्रशिक्षित स्निफर डॉग्स की भी मदद ली गई। रेस्क्यू टीमों ने मलबे और इमारत के भीतर से 18 से अधिक लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। अधिकारियों ने एहतियात के तौर पर पास की 30 ब्रजदुलाल स्ट्रीट स्थित इमारत को भी खाली करा दिया और दोनों परिसरों को सील कर दिया।
जर्जर इमारतों को लेकर फिर उठे सवाल
हादसे के बाद कोलकाता में चिन्हित जर्जर इमारतों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। KMC प्रशासन ने मानसून और भारी बारिश के मद्देनजर ऐसी इमारतों में रहने वाले लोगों को नए सिरे से नोटिस जारी कर सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह देने की बात कही है। स्थानीय लोगों और मृतका के परिवार की ओर से आरोप लगाया गया है कि मकान मालिक और किरायेदारों के बीच विवाद तथा प्रमोटिंग से जुड़े मुद्दों के कारण इमारत की मरम्मत नहीं हो सकी। हालांकि, इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। फिलहाल KMC और संबंधित एजेंसियां हादसे के कारणों की जांच कर रही हैं। शुरुआती तौर पर भारी बारिश और इमारत की जर्जर स्थिति को हादसे के प्रमुख कारणों में माना जा रहा है।