कोलकाता: सरकारी जमीन और सड़क को अवरुद्ध कर हर साल 21 जुलाई को आयोजित होने वाले तृणमूल कांग्रेस के कार्यक्रम को लेकर अब कलकत्ता हाईकोर्ट में अदालत की अवमानना याचिका दायर की गई है। आरोप है कि धर्मतला स्थित स्टेट्समैन हाउस के सामने विशाल मंच लगाकर लगातार सड़क और सार्वजनिक मार्ग बाधित किया जाता रहा है, जबकि कोर्ट के पूर्व आदेश का पालन नहीं किया गया।
2018 के हाईकोर्ट आदेश का उल्लंघन का आरोप
जानकारी के अनुसार, वर्ष 2015 में दाखिल एक जनहित याचिका पर 2018 में कलकत्ता हाईकोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिया था कि किसी भी सरकारी जमीन या सड़क को बंद कर सभा, रैली या सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित नहीं किए जा सकते। इसके बावजूद हर वर्ष 21 जुलाई को धर्मतला में बड़े पैमाने पर सभा आयोजित होने को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।
अवमानना याचिका और नामित पक्ष
इसी मामले में अक्षय कुमार सारंगी नामक व्यक्ति ने अदालत में अवमानना याचिका दाखिल की है। याचिका में दावा किया गया है कि कोर्ट के आदेशों का लगातार उल्लंघन किया जा रहा है, जिससे आम लोगों को भारी असुविधा होती है और यातायात व्यवस्था प्रभावित होती है।
हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी और नोटिस
शुक्रवार को मामले की सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति अरिजित बनर्जी और न्यायमूर्ति अपूर्वा सिन्हा रॉय की डिवीजन बेंच ने तृणमूल नेतृत्व को नोटिस जारी करने का निर्देश दिया है। साथ ही तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी को भी नोटिस भेजने के आदेश दिए गए हैं।
अगली सुनवाई 3 जुलाई को
मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने अगली सुनवाई की तारीख 3 जुलाई तय की है। इस सुनवाई पर सभी पक्षों के जवाब और दलीलों पर आगे की कार्रवाई तय होने की संभावना है।