कोलकाता: पश्चिम बंगाल में लगातार सामने आ रही आग की घटनाओं के बाद दमकल विभाग ने फायर सेफ्टी को लेकर राज्यभर में विशेष ऑडिट अभियान शुरू किया है। इसी अभियान के तहत कोलकाता के चार शॉपिंग मॉल में जांच की गई। इस दौरान फायर एक्सटिंग्विशर, फायर अलार्म, पानी के पंप और इमरजेंसी एग्जिट समेत कई सुरक्षा व्यवस्थाओं को परखा गया। जांच में कई जगह फायर एग्जिट गेट बंद और कुछ स्थानों पर चाबी से लॉक मिले, जिससे आपात स्थिति में लोगों की सुरक्षित निकासी को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
कोलकाता के 4 मॉल में दमकल विभाग की जांच
दमकल विभाग के एक अधिकारी के नेतृत्व में करीब 7-8 कर्मचारियों की टीम ने कोलकाता के चार शॉपिंग मॉल में फायर सेफ्टी ऑडिट किया। इनमें कैमैट स्ट्रीट के दो मॉल, ठाकुरपुकुर का एक और कांकुड़गाछी का एक शॉपिंग मॉल शामिल है। अधिकारियों ने यह जांचने की कोशिश की कि आग लगने जैसी आपात स्थिति में मॉल की अग्निशमन व्यवस्था प्रभावी ढंग से काम कर पाएगी या नहीं।
फायर अलार्म से लेकर पाइपलाइन तक की जांच
ऑडिट के दौरान फायर एक्सटिंग्विशर, फायर अलार्म, फायर एग्जिट और फायर सेफ्टी सिस्टम की जांच की गई। कैमैट स्ट्रीट के 22 नंबर पते पर स्थित दो शॉपिंग मॉल में सबसे पहले बेसमेंट की फायर सेफ्टी व्यवस्था को परखा गया। मशाल और धूप जलाकर फायर सेफ्टी पाइपलाइन की कार्यक्षमता जांची गई। इसके अलावा पानी के पंप भी चालू हालत में हैं या नहीं, इसकी पड़ताल की गई।
बंद मिले फायर एग्जिट गेट
छह मंजिला इमारत में अलग-अलग मंजिलों पर ऑफिस और शॉपिंग मॉल मौजूद हैं। यहां अधिकारियों ने यह भी देखा कि आपात स्थिति में लोग फायर एग्जिट के जरिए कितनी जल्दी बाहर निकल सकते हैं। इसी दौरान कई फायर एग्जिट गेट बंद पाए गए। कुछ जगहों पर गेट को चाबी से लॉक करके रखा गया था।
हालांकि, जांच के दौरान फायर एक्सटिंग्विशर और फायर अलार्म के काम करने की स्थिति संतोषजनक पाई गई। इसके बावजूद बंद फायर एग्जिट को लेकर दमकल अधिकारियों की चिंता बढ़ गई है।
आपात स्थिति में बढ़ सकता है खतरा
दमकल अधिकारियों का मानना है कि आग या किसी अन्य आपदा के दौरान फायर एग्जिट गेट का तुरंत खुलना बेहद जरूरी है। अगर गेट लॉक रहे या उसे खोलने में समय लगे तो लोगों की सुरक्षित निकासी प्रभावित हो सकती है और हादसे का खतरा बढ़ सकता है।
लगातार आग की घटनाओं के बाद बढ़ी सख्ती
पिछले एक महीने में पश्चिम बंगाल के अलग-अलग हिस्सों में आग लगने की कई गंभीर घटनाएं सामने आई हैं। इनमें कोलकाता के फ्री स्कूल स्ट्रीट और तारापीठ में हुए अग्निकांड भी शामिल हैं। इन घटनाओं में कई लोगों की मौत हुई थी। कोलकाता के एक होटल में लगी आग में एक बांग्लादेशी पर्यटक की भी जान चली गई थी।
इसके अलावा कुछ दिन पहले कैमैट स्ट्रीट स्थित अभिषेक बनर्जी के कार्यालय को लेकर भी फायर सेफ्टी और जरूरी अनुमति से जुड़े सवाल उठे थे।
राज्यभर में फायर सेफ्टी की जांच
लगातार सामने आ रहे हादसों के बाद दमकल विभाग और नगर निगम ने फायर सेफ्टी को लेकर सख्ती बढ़ा दी है। राज्य के भीड़भाड़ वाले और महत्वपूर्ण स्थानों पर अग्निशमन व्यवस्था की जांच की जा रही है। इसी अभियान के दूसरे दिन कोलकाता के चार शॉपिंग मॉल में विशेष फायर ऑडिट किया गया।