कोलकाता: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी के आवास के बाहर टीएमसी विधायक कुणाल घोष पर अंडा फेंकने के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने चंदन सिंह और रवि कोयल को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। घटना के बाद राजनीतिक गलियारों में भी हलचल तेज हो गई है।
शिकायत के आधार पर हुई गिरफ्तारी
पुलिस सूत्रों के अनुसार, सोमवार शाम कुणाल घोष द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर तत्काल एफआईआर दर्ज की गई। जांच के दौरान पहले एक आरोपी को हिरासत में लिया गया और उससे मिली जानकारी के आधार पर मंगलवार सुबह दूसरे आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि मामले की जांच तेजी से आगे बढ़ रही है और जरूरत पड़ने पर अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया जा सकता है।
ममता बनर्जी के घर से निकलते वक्त हुआ हमला
सोमवार शाम कुणाल घोष ममता बनर्जी से मुलाकात कर उनके आवास से बाहर निकल रहे थे। इसी दौरान कुछ लोगों ने उन पर अंडे फेंके। हालांकि उन्होंने खुद को बचाने की कोशिश की, लेकिन एक अंडा उनके सिर पर जा लगा। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ।
CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस
पुलिस ने बताया कि घटना से जुड़े सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच की जा रही है। जांचकर्ता यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि हमले के पीछे की वास्तविक मंशा क्या थी और इसमें अन्य लोगों की कोई भूमिका थी या नहीं।
CID के गवाह पर भी जांच की मांग
गिरफ्तारियों के बाद कुणाल घोष ने सोशल मीडिया के माध्यम से पुलिस जांच पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि मामले में मामूली धाराएं लगाकर आरोपियों को आसानी से जमानत दिलाने की कोशिश हो सकती है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी मांग की कि उस व्यक्ति की भूमिका की जांच की जाए जो पहले ममता बनर्जी के घर पर सीआईडी की तलाशी के दौरान गवाह बना था और बाद में उसी घर के बाहर हुए इस हमले से उसका नाम जोड़ा जा रहा है।
आरोपी ने बताई हमले की वजह
मुख्य आरोपी चंदन सिंह ने घटना के तुरंत बाद मीडिया से बातचीत में दावा किया कि उसने कुणाल घोष पर अंडा इसलिए फेंका क्योंकि उसे लगता है कि घोष ने कई लोगों के साथ गलत किया है। हालांकि कुणाल घोष ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है।
चुनावी हार के बाद बढ़ा विरोध
राज्य में हाल के राजनीतिक घटनाक्रम और तृणमूल कांग्रेस को लेकर बढ़ते जनाक्रोश के बीच यह घटना सामने आई है। पिछले कुछ सप्ताहों में अभिषेक बनर्जी समेत कई टीएमसी नेताओं को भी सार्वजनिक विरोध और अंडा फेंकने जैसी घटनाओं का सामना करना पड़ा है। इनमें विधायक, नगर निकाय अध्यक्ष और पार्षद भी शामिल हैं।
राजनीतिक माहौल में नया विवाद
कुणाल घोष पर हुए इस हमले ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। जहां पुलिस मामले की जांच में जुटी है, वहीं टीएमसी नेता इस घटना को सुनियोजित साजिश बताकर गहन जांच की मांग कर रहे हैं।