कोलकाता/बिधाननगर: कोलकाता के साल्ट लेक स्थित युवभारती क्रीड़ांगन (Salt Lake Stadium) में फुटबॉल के दिग्गज लियोनेल मेसी (Lionel Messi) के कार्यक्रम को लेकर हुए अंतरराष्ट्रीय विवाद की जांच अब तेज हो गई है। इसी सिलसिले में पश्चिम बंगाल के पूर्व खेल और बिजली मंत्री अरूप विश्वास (Arup Biswas) गुरुवार को बिधाननगर दक्षिण थाने में पेश हुए। जांच अधिकारियों की एक विशेष टीम ने टीएमसी के इस कद्दावर नेता से लगातार साढ़े तीन घंटे तक मैराथन पूछताछ की। हालांकि, इस लंबी पूछताछ के बाद भी उन्हें राहत नहीं मिली है और पुलिस ने आगामी 22 जून को उन्हें दोबारा तलब किया है।
सूत्रों के मुताबिक, अगली पेशी के दौरान अरूप विश्वास को उस कार्यक्रम से जुड़े कई बेहद महत्वपूर्ण और आधिकारिक दस्तावेज भी साथ लाने का निर्देश दिया गया है।
मैराथन पूछताछ में दागे गए ये दो सबसे तीखे सवाल
जांच से जुड़े आंतरिक सूत्रों के अनुसार, इस साढ़े तीन घंटे की पूछताछ के दौरान पूर्व मंत्री को बेहद असहज और कड़े सवालों का सामना करना पड़ा। जांचकर्ताओं ने मुख्य रूप से दो प्रमुख बिंदुओं पर अपना ध्यान केंद्रित किया:
1. सुरक्षा और प्रोटोकॉल का उल्लंघन: पुलिस ने पूछा कि अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा घेरे और कड़े प्रोटोकॉल को तोड़कर अरूप विश्वास मेसी के इतने करीब कैसे पहुंचे? किसकी अनुमति से वह बार-बार विश्व विजेता कप्तान को छूकर तस्वीरें खिंचवा रहे थे? बता दें कि मेसी की टीम द्वारा भेजे गए आधिकारिक ईमेल में इसी बात पर सबसे कड़ी आपत्ति जताई गई थी।
2. वीआईपी टिकट घोटाला (VIP Ticket Scam): कार्यक्रम के वीआईपी टिकटों के वितरण को लेकर भी अधिकारियों ने पूर्व मंत्री को घेरा। आरोप है कि उन्होंने अपनी शक्ति का दुरुपयोग कर हजारों टिकट अपने नियंत्रण में ले लिए थे। पुलिस ने उनसे पूछा कि उस दिन वीआईपी बॉक्स में किन-किन लोगों को प्रवेश दिया गया था? वीआईपी सूची किस नियम या प्रोटोकॉल के तहत तैयार हुई थी और उन्हें मैदान में जाने की अनुमति किसने दी थी?
पुलिस के अल्टीमेटम के बाद अचानक पहुंचे थाने
अरूप विश्वास लगातार तीन नोटिसों के बावजूद पुलिस के सामने पेश नहीं हो रहे थे। इसके बाद मंगलवार को पुलिस ने उन्हें अंतिम चेतावनी (अल्टीमेटम) दी थी और जांच में असहयोग करने पर हाईकोर्ट जाने की चेतावनी दी थी। हालांकि, गुरुवार सुबह करीब 9:55 बजे अरूप विश्वास अचानक बिधाननगर दक्षिण थाने पहुंच गए।
चुनाव नतीजों के बाद से थे 'लापता'
लियोनेल मेसी के कोलकाता दौरे के दौरान हुई इस बड़ी अव्यवस्था को लेकर कार्यक्रम के आयोजक शतद्रु दत्त (Satadru Dutta) ने तत्कालीन खेल मंत्री अरूप विश्वास के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। राज्य में सत्ता परिवर्तन (पाला बदल) के तुरंत बाद बिधाननगर दक्षिण थाने में यह मामला दर्ज किया गया था। चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद से ही अरूप विश्वास का कोई अता-पता नहीं था। उन्होंने हाईकोर्ट से शर्तों के साथ गिरफ्तारी से सुरक्षा (संरक्षण) भी ली थी, जहां अदालत ने उन्हें जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया था। आखिरकार, पुलिस के कड़े रुख के बाद पूर्व मंत्री को सरेंडर करना पड़ा।