कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस के भीतर जारी खींचतान एक बार फिर खुलकर सामने आ गई है। पार्टी की बागी सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने वरिष्ठ टीएमसी नेता महुआ मोइत्रा के हालिया बयान पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बंगाल की जनता अब पार्टी के कुछ नेताओं की राजनीतिक सोच और नैरेटिव को स्वीकार नहीं कर रही है।
महुआ के बयान पर सीधा हमला
काकोली घोष ने कहा कि महुआ मोइत्रा का बयान पूरी तरह से वास्तविकता से दूर है। उन्होंने आरोप लगाया कि जनता ने लोकतांत्रिक तरीके से अपना फैसला सुना दिया है और अब राजनीतिक विरोधियों को लेकर इस तरह की टिप्पणियां करना जनता के जनादेश का अपमान है। उनके मुताबिक, राज्य की जनता विकास और स्थिर राजनीति चाहती है, न कि आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति।
बागी नेताओं को लेकर बढ़ा विवाद
दरअसल, महुआ मोइत्रा ने हाल ही में बागी सांसदों के भविष्य पर सवाल उठाते हुए दावा किया था कि भाजपा उन्हें केवल अपने राजनीतिक हितों के लिए इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने कहा था कि भविष्य में ऐसे नेताओं के लिए न तो टीएमसी में वापसी आसान होगी और न ही भाजपा में उनकी राजनीतिक स्थिति मजबूत रह पाएगी।
TMC में अंदरूनी टकराव फिर उजागर
काकोली घोष की प्रतिक्रिया के बाद यह साफ हो गया है कि पार्टी नेतृत्व और बागी नेताओं के बीच मतभेद अभी खत्म नहीं हुए हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले समय में यह विवाद और गहरा सकता है, खासकर तब जब राज्य की राजनीति में दल-बदल और संगठनात्मक पुनर्गठन की चर्चा तेज है।
बंगाल की राजनीति पर नजर
राज्य की राजनीति में लगातार बदलते समीकरणों के बीच टीएमसी के भीतर उठ रही आवाजें विपक्ष को भी नया राजनीतिक मुद्दा दे रही हैं। ऐसे में पार्टी नेतृत्व के सामने संगठन को एकजुट बनाए रखना बड़ी चुनौती माना जा रहा है।