मालदा: पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था और पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी की ओर से बंगाल को 'पुलिस स्टेट' बनाने की कोशिश और पुलिस द्वारा एनकाउंटर की धमकी दिए जाने के आरोपों पर उत्तर बंगाल विकास मंत्री निशित प्रमाणिक ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। मालदा में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने अभिषेक बनर्जी के आरोपों को पूरी तरह झूठा और बेबुनियाद करार दिया।
निशित प्रमाणिक ने कहा कि अभिषेक बनर्जी इतने दिनों तक झूठ और मिथ्या प्रचार के सहारे राजनीति करते रहे हैं। अब उनके पास कहने के लिए कुछ नहीं बचा है, इसलिए इस तरह के बयान देकर लोगों के बीच नकारात्मक माहौल बनाने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, बंगाल की जनता उनकी मंशा अच्छी तरह समझती है और इस तरह का नैरेटिव सफल नहीं होगा।
पुलिस की कार्यप्रणाली पर क्या बोले निशित प्रमाणिक?
पुलिस की भूमिका पर अपनी बात रखते हुए मंत्री ने कहा कि राज्य में पुलिस अब सक्रियता से काम कर रही है। पिछली सरकार के 15 वर्षों के दौरान पुलिस का जिस तरह इस्तेमाल किया गया, अब वैसा नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार पुलिस की वर्दी और भारतीय संविधान, दोनों का सम्मान करती है।
निशित प्रमाणिक के मुताबिक, पुलिस स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से आम जनता, समाज और बंगाल के हित में काम कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में घुसपैठियों की पहचान करने के साथ-साथ महिलाओं के खिलाफ अपराध करने वालों पर भी कार्रवाई की जा रही है।
महिलाओं की सुरक्षा को लेकर ममता बनर्जी पर निशाना
महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दे पर निशित प्रमाणिक ने पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार के दौरान महिलाओं को रात आठ बजे के बाद बाहर नहीं निकलने की सलाह दी गई थी। इसके विपरीत, उन्होंने दावा किया कि मौजूदा सरकार महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
मंत्री ने कहा कि महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। अभिषेक बनर्जी की ओर से पुलिस द्वारा एनकाउंटर की धमकी दिए जाने के आरोपों को उन्होंने निराधार बताया।
नगर निकाय चुनाव पर हाईकोर्ट के आदेश को लेकर भी दिया बयान
इसी बातचीत के दौरान निशित प्रमाणिक से नगर निकाय चुनाव को लेकर हाईकोर्ट के आदेश पर भी सवाल किया गया। पत्रकारों ने बताया कि परिसीमन की प्रक्रिया पूरी होने तक चुनाव नहीं कराने से संबंधित मामले में हाईकोर्ट ने चुनावी अधिसूचना पर रोक लगाई है।
इस पर मंत्री ने कहा कि मामला फिलहाल न्यायालय में विचाराधीन है। हाईकोर्ट जो भी निर्देश देगा, उसका निश्चित रूप से पालन किया जाएगा। उन्होंने न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान करने की बात कही।
कुल मिलाकर, मालदा में निशित प्रमाणिक के बयान से साफ है कि पुलिस की कार्यप्रणाली और नगर निकाय चुनाव को लेकर पश्चिम बंगाल में राजनीतिक बहस आने वाले दिनों में और तेज हो सकती है।