कोलकाता: पश्चिम बंगाल में प्राथमिक शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को लेकर अभ्यर्थियों का आंदोलन तेज हो गया है। 2022 प्राथमिक टीईटी पास डीएलएड अभ्यर्थियों ने रिक्त पद बढ़ाकर जल्द से जल्द इंटरव्यू शुरू करने की मांग को लेकर सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया। अभ्यर्थियों का कहना है कि लंबे समय से भर्ती प्रक्रिया के आगे बढ़ने का इंतजार किया जा रहा है। इसी मांग को लेकर बुधवार को सियालदह स्मार्ट बाजार से धर्मतल्ला तक मार्च निकाला गया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से भर्ती प्रक्रिया को लेकर जल्द स्पष्ट कदम उठाने की मांग की। अभ्यर्थियों का कहना है कि वे लगातार रोजगार की उम्मीद में आंदोलन करने को मजबूर हैं।
अप्रैल 2026 से रुकी है इंटरव्यू प्रक्रिया
अभ्यर्थियों के मुताबिक प्राथमिक शिक्षक भर्ती 2025 के लिए दिसंबर 2025 में इंटरव्यू प्रक्रिया शुरू हुई थी। लेकिन अप्रैल 2026 में अज्ञात कारणों से इंटरव्यू प्रक्रिया रोक दी गई। इसके बाद से अभ्यर्थी लगातार भर्ती प्रक्रिया दोबारा शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं। उनका आरोप है कि चुनाव के चार महीने बीत जाने के बाद भी प्रक्रिया को आगे नहीं बढ़ाया गया है। लंबे इंतजार के कारण अभ्यर्थियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि भर्ती में देरी से हजारों अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में लटका हुआ है।
रिक्त पद बढ़ाकर भर्ती शुरू करने की मांग
आंदोलन कर रहे 2022 प्राथमिक टीईटी पास डीएलएड अभ्यर्थियों की प्रमुख मांग है कि प्राथमिक शिक्षक भर्ती 2025 में रिक्त पदों की संख्या बढ़ाई जाए। इसके साथ ही इन पदों पर जल्द से जल्द इंटरव्यू शुरू किया जाए। अभ्यर्थियों का कहना है कि योग्य उम्मीदवार लंबे समय से नियुक्ति का इंतजार कर रहे हैं। उनका कहना है कि सरकार को भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और तेजी सुनिश्चित करनी चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि भर्ती को लेकर किसी भी तरह की अनिश्चितता खत्म की जाए। साथ ही इंटरव्यू और नियुक्ति की पूरी प्रक्रिया स्पष्ट रूप से बताई जाए।
आज रात ही नोटिस जारी करने की मांग
प्रदर्शनकारियों ने सरकार से प्राथमिक शिक्षक भर्ती को लेकर तत्काल आधिकारिक नोटिस जारी करने की मांग की है। अभ्यर्थियों की मांग है कि बुधवार रात तक इंटरव्यू प्रक्रिया शुरू करने को लेकर स्पष्ट सूचना जारी की जाए। उनका कहना है कि बार-बार तारीख और प्रक्रिया को लेकर इंतजार कराने से अभ्यर्थियों की परेशानी बढ़ रही है। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से भर्ती प्रक्रिया की समयसीमा स्पष्ट करने की अपील की है। उनका कहना है कि अब आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई चाहिए। इसी मांग को लेकर अभ्यर्थियों ने सड़क पर उतरकर अपनी आवाज बुलंद की।
'भय आउट, भरोसा इन' के नारों से गूंजा मार्च
सियालदह से धर्मतल्ला तक निकाले गए मार्च में अभ्यर्थियों ने जोरदार नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान 'भय आउट, भरोसा इन' जैसे नारे लगाए गए। अभ्यर्थियों ने कहा कि उन्होंने बेहतर और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया की उम्मीद में सरकार का समर्थन किया था। उनका सवाल है कि सरकार बदलने के बाद भी नौकरी के लिए उन्हें सड़कों पर क्यों उतरना पड़ रहा है। प्रदर्शनकारियों ने भर्ती प्रक्रिया में देरी को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की। साथ ही जल्द नियुक्ति की मांग को लेकर एकजुट रहने का संदेश दिया।
सरकार से अभ्यर्थियों का सीधा सवाल- नियुक्ति आखिर कब?
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि प्राथमिक शिक्षक भर्ती को लेकर लंबे समय से अनिश्चितता बनी हुई है। वे सवाल उठा रहे हैं कि इंटरव्यू शुरू करने में आखिर इतनी देरी क्यों हो रही है। अभ्यर्थियों ने कहा कि सरकार से उन्हें तेज और पारदर्शी भर्ती की उम्मीद थी। चुनाव के चार महीने बाद भी प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ने से उनकी चिंता बढ़ गई है। आंदोलनकारियों ने कहा कि वे बार-बार आंदोलन करने के बजाय नियुक्ति प्रक्रिया पूरी होते देखना चाहते हैं। अब उनकी मांग है कि सरकार तत्काल कदम उठाकर भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाए।
'जीवन-यौवन के मार्च' में बड़ी संख्या में अभ्यर्थी
2022 प्राथमिक टीईटी पास डीएलएड ऐक्यमंच की ओर से इस मार्च का आह्वान किया गया था। संगठन ने प्राथमिक शिक्षक भर्ती 2025 में रिक्त पद बढ़ाकर तत्काल इंटरव्यू शुरू करने की मांग उठाई। इसके लिए सियालदह स्मार्ट बाजार से मार्च शुरू किया गया, जो धर्मतल्ला की ओर बढ़ा। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि नौकरी की उम्मीद में युवा लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं। उनका कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में देरी का सीधा असर अभ्यर्थियों के भविष्य पर पड़ रहा है। अब सभी की नजर सरकार की ओर से आने वाले अगले आधिकारिक नोटिस पर है।