कोलकाता: आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में हुई प्रशिक्षु महिला डॉक्टर के दुष्कर्म और हत्या मामले की जांच एक बार फिर तेज होती नजर आ रही है। सोमवार को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) का सात सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल अस्पताल पहुंचा। यह टीम मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जांच और घटनास्थल के पुनः निरीक्षण के लिए अस्पताल पहुंची है।
एमएसवीपी के साथ बैठक, फिर होगा घटनास्थल का निरीक्षण
सूत्रों के अनुसार, सीबीआई टीम फिलहाल अस्पताल के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट एवं वाइस प्रिंसिपल (एमएसवीपी) प्रोफेसर डॉ. सप्तर्षि चटर्जी के साथ बैठक कर रही है। बैठक के बाद जांच अधिकारी अस्पताल परिसर के उस हिस्से का निरीक्षण करेंगे, जहां गत वर्ष यह सनसनीखेज घटना सामने आई थी।
एसआईटी में बदलाव के बाद बढ़ी जांच की गतिविधि
गौरतलब है कि इस मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) के एक अधिकारी को हाल ही में बदला गया है। इसके बाद सीबीआई की गतिविधियों में तेजी देखी जा रही है। जांच एजेंसी मामले से जुड़े सभी तथ्यों और साक्ष्यों की दोबारा समीक्षा कर रही है।
क्या है आरजी कर दुष्कर्म और हत्या मामला?
आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की एक प्रशिक्षु महिला डॉक्टर का शव अगस्त 2024 में अस्पताल के सेमिनार हॉल से बरामद हुआ था। शुरुआती जांच में दुष्कर्म और हत्या की आशंका सामने आने के बाद पूरे राज्य में भारी आक्रोश फैल गया था। डॉक्टरों, मेडिकल छात्रों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने न्याय की मांग को लेकर व्यापक आंदोलन शुरू किया था। मामले की गंभीरता और जनदबाव को देखते हुए जांच की जिम्मेदारी बाद में सीबीआई को सौंप दी गई। तब से केंद्रीय एजेंसी इस बहुचर्चित मामले की जांच कर रही है और समय-समय पर अस्पताल प्रशासन, संबंधित अधिकारियों तथा अन्य व्यक्तियों से पूछताछ करती रही है।
मामले पर बनी हुई है पूरे देश की नजर
आरजी कर मामला केवल पश्चिम बंगाल ही नहीं, बल्कि पूरे देश में चर्चा का विषय बना रहा है। महिला सुरक्षा, अस्पतालों में कार्यस्थल की सुरक्षा और जांच प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर यह मामला लगातार सुर्खियों में रहा है। ऐसे में सीबीआई टीम के ताजा दौरे को जांच के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
फिलहाल जांच जारी
सीबीआई की टीम अस्पताल में मौजूद है और बैठक के बाद घटनास्थल का निरीक्षण करेगी। जांच एजेंसी की ओर से अभी तक इस दौरे को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। हालांकि, माना जा रहा है कि मामले के विभिन्न पहलुओं की फिर से समीक्षा की जा रही है।