कोलकाता: आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में महिला डॉक्टर के साथ दुष्कर्म और हत्या मामले की जांच में सीबीआई ने बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय जांच एजेंसी ने कोलकाता के पूर्व पुलिस कमिश्नर विनीत गोयल को तलब किया है। उन्हें अगले सप्ताह महत्वपूर्ण दस्तावेजों के साथ सीबीआई के सामने पेश होने का निर्देश दिया गया है। जांच से जुड़े सूत्रों का मानना है कि इस हाई-प्रोफाइल मामले में पूर्व पुलिस आयुक्त को तलब किया जाना बेहद महत्वपूर्ण घटनाक्रम है।
पूर्व अधिकारियों से भी हुई लंबी पूछताछ
विनीत गोयल को बुलाने से पहले सीबीआई ने पुलिस अधिकारी अभिषेक गुप्ता और इंदिरा मुखोपाध्याय को भी तलब किया था। दोनों अधिकारियों से कई घंटों तक पूछताछ की गई। इस दौरान घटना की रात और उसके बाद की गई कार्रवाई से जुड़े अहम दस्तावेज भी एजेंसी ने अपने कब्जे में लिए। फिलहाल सीबीआई इन दस्तावेजों की गहन जांच कर रही है।
अग्निमित्र पॉल ने की गिरफ्तारी की मांग
इस बीच राज्य की नगर एवं शहरी विकास मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने आरजी कर मामले में सबूत मिटाने और मामले को दबाने का आरोप लगाते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और पूर्व पुलिस कमिश्नर विनीत गोयल की गिरफ्तारी की मांग की है। उन्होंने कहा कि घटना वाली रात अस्पताल और घटनास्थल पर मौजूद सभी लोगों से आमने-सामने पूछताछ होनी चाहिए।
पानीहाटी श्मशान की भूमिका भी जांच के दायरे में
सीबीआई की विशेष जांच टीम (SIT) अब 9 अगस्त 2024 की रात हुई घटनाओं की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। इसी क्रम में पानीहाटी श्मशान की भूमिका भी जांच के घेरे में आई है। जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पीड़िता के अंतिम संस्कार की प्रक्रिया में किन-किन लोगों की भूमिका थी।
पूर्व विधायक निर्मल घोष से भी पूछताछ
पानीहाटी के पूर्व तृणमूल विधायक निर्मल घोष भी सीबीआई के सामने पेश हुए। पीड़िता के परिवार ने आरोप लगाया था कि शव के जल्दबाजी में अंतिम संस्कार कराने में उनकी भूमिका रही थी। इन्हीं आरोपों के आधार पर सीबीआई ने उनसे कई घंटों तक पूछताछ की और विभिन्न तथ्यों की जानकारी जुटाई।