कोलकाता: कोलकाता के सबसे रसूखदार और हाई-प्रोफाइल दुर्गा पूजा क्लबों में से एक 'सुरुचि संघ' के खिलाफ एक के बाद एक कई चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) ने अपने वकील के माध्यम से सुरुचि संघ क्लब को जमीन खाली करने का कानूनी नोटिस थमा दिया है। LIC का साफ तौर पर आरोप है कि क्लब ने उसकी सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा कर रखा है। नोटिस में चेतावनी दी गई है कि आगामी 18 जुलाई तक शांतिपूर्ण तरीके से जमीन को खाली कर दिया जाए, ऐसा न होने पर LIC प्रशासन कानूनी कदम उठाएगा। इस मामले को लेकर LIC की ओर से न्यू अलीपुर थाने में एक आधिकारिक शिकायत भी दर्ज कराई गई है। हालांकि, इन गंभीर आरोपों पर सुरुचि संघ क्लब प्रबंधन ने फिलहाल चुप्पी साध रखी है।
'विश्वास ब्रदर्स' की दहशत और कब्जे की कहानी
एक समय था जब दक्षिण कोलकाता के टॉलीगंज और न्यू अलीपुर इलाके में 'विश्वास ब्रदर्स' (TMC नेता अरूप विश्वास और उनके भाई स्वरूप विश्वास) का एकछत्र राज चलता था। उनकी मर्जी के बिना इलाके में पत्ता भी नहीं हिलता था। LIC की शिकायत से उनके इसी रसूख और खौफ का अंदाजा लगाया जा सकता है। जमीन को लेकर मामला पहले अदालत तक भी पहुंचा था, लेकिन इसके बावजूद LIC को अपनी जमीन वापस नहीं मिल सकी।
शिकायत के मुताबिक, करीब 9 साल पहले साल 2017 में जमीन से जुड़े विवाद के बाद सुरुचि संघ के लिए एक वैकल्पिक जगह की तलाश शुरू हुई थी। उस दौरान विश्वास ब्रदर्स की नजर न्यू अलीपुर चिल्ड्रंस पार्क की जमीन पर पड़ी। आरोप है कि उस समय स्वरूप विश्वास के समर्थकों और गुर्गों ने चिल्ड्रंस पार्क के कुछ सदस्यों को डराया-धमकाया था और जमीन पर कब्जा कर लिया था।
करोड़ों का बजट, लेकिन मैदान पर लगा है सरकारी राहत का तिरपाल
स्वरूप विश्वास की गिरफ्तारी के बाद जैसे भ्रष्टाचार का 'पेंडोरा बॉक्स' खुल गया है। स्थानीय निवासियों का गुस्सा अब फूट पड़ा है और लोग क्लब के बाहर आकर अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं। क्लब की दीवारों पर विरोध प्रदर्शन के पोस्टर भी चिपकाए गए हैं।
सबसे हैरान करने वाली बात यह सामने आई है कि जो क्लब हर साल दुर्गा पूजा के दौरान करोड़ों रुपये खर्च कर भव्य पंडाल बनाता है, उस क्लब के मैदान को चारों तरफ से घेरने के लिए सरकारी आपदा राहत के तिरपाल (Tripol) का इस्तेमाल किया गया है। कानून को ठेंगा दिखाकर किए गए इस भ्रष्टाचार के सामने आने के बाद स्थानीय प्रशासन पर भी सवाल उठ रहे हैं।
विदित हो कि इस क्लब के मुख्य संरक्षक राज्य के पूर्व खेल मंत्री और कद्दावर टीएमसी नेता अरूप विश्वास हैं, जबकि क्लब का पूरा नियंत्रण उनके भाई स्वरूप विश्वास के हाथों में रहता था। स्वरूप विश्वास की गिरफ्तारी के बाद अब न्यू अलीपुर का यह नामी क्लब चौतरफा विवादों और कानूनी कार्रवाई के घेरे में आ चुका है।