कोलकाता: केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता सुकांत मजूमदार की एक विस्फोटक पत्रकार वार्ता के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर भारी हलचल देखी जा रही है। सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस पर तीखा प्रहार करते हुए उन्होंने कहा कि “तृणमूल मतलब चोर और चोर का पैसा” है, और मौजूदा हालात को उन्होंने “चोर के ऊपर बटपारि” जैसा बताया। उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में राजनीतिक परिस्थितियों में कई बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे और यह भी बड़ा सवाल है कि तृणमूल कांग्रेस एक पार्टी के रूप में लंबे समय तक टिक पाएगी या नहीं। विधानसभा के भीतर राजनीतिक समीकरणों पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि ममता समर्थक गुट शोभन बाबू को विपक्ष का नेता बनाना चाहते थे, लेकिन अंततः स्पीकर ऋतब्रत बाबू को इस पद के लिए चुना गया।
कानून-व्यवस्था पर सवाल, पुलिस भूमिका को लेकर नाराज़गी
कानून-व्यवस्था और पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाते हुए सुकांत मजूमदार ने चेतावनी दी कि पुलिस के थोड़ा हटते ही सत्ताधारी दल के “युवराज” और “पुष्पाओं” का प्रभाव खत्म हो गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक घटना में “पुष्पा की पत्नी” ने इलाके की महिलाओं को भड़काकर पुलिस और केंद्रीय बलों पर हमले की साजिश रची, जिसके बाद पुलिस को सख्त कार्रवाई करनी पड़ी। भाजपा नेता ने तृणमूल को चेतावनी देते हुए कहा कि भाजपा की शालीनता को कमजोरी न समझा जाए, क्योंकि समय आने पर हर किसी का हिसाब किया जाएगा। उन्होंने साफ कहा कि भाजपा शासन में किसी भी प्रकार की अराजकता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी को कानून का पालन करना ही होगा।
बजट, शिक्षा और बंगाल की विरासत पर बयान
अंत में सुकांत मजूमदार ने देश के बजट और राज्य की शिक्षा व्यवस्था को लेकर पार्टी की सकारात्मक सोच का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में सरकार जनकल्याण को प्राथमिकता देते हुए कार्य करेगी और आगामी बजट पूरी तरह जनहित में होगा। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी के विजन डॉक्यूमेंट के अनुसार सभी योजनाओं को लागू किया जाएगा। साथ ही पश्चिम बंगाल के इतिहास और विरासत पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि यह समझना जरूरी है कि राज्य का निर्माण कैसे हुआ और इसमें किसका वास्तविक योगदान रहा, जिसे आज की शिक्षा प्रणाली में शामिल किया जाना चाहिए।