कोलकाता: जादवपुर में 10 हजार कंठों में ‘वंदे मातरम्’ के आयोजन के बाद पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने जादवपुर विश्वविद्यालय और वामपंथी राजनीति को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने सवाल उठाया कि कोलकाता जैसे शहर में ‘काश्मीर मांगे आजादी’ जैसे नारे क्यों लगाए जाते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की आजादी के लिए नेताजी सुभाष चंद्र बोस, मास्टरदा सूर्य सेन, खुदीराम बोस और मातंगिनी हाजरा जैसे महान स्वतंत्रता सेनानियों ने बलिदान दिया था।
‘किस बात की आजादी चाहते हैं?’
मुख्यमंत्री ने कड़े शब्दों में कहा, “आजादी... किस बात की आजादी? हेरोइन खाने की आजादी, गांजा खाने की आजादी या ड्रग्स लेने की आजादी?” उन्होंने ऐसे नारे लगाने वालों को कथित तौर पर ‘टुकड़े-टुकड़े गैंग’ से जोड़ते हुए कहा कि राष्ट्रविरोधी गतिविधियों को बंगाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
जादवपुर विश्वविद्यालय में ड्रोन उड़ाने की चेतावनी
मुख्यमंत्री ने जादवपुर विश्वविद्यालय परिसर को लेकर भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में ड्रोन उड़ाकर यह देखा जाएगा कि परिसर और छात्रावासों में कहां नशे का सेवन हो रहा है। उन्होंने कहा कि यदि कहीं गांजा, ड्रग्स या हेरोइन जैसी अवैध गतिविधियां पाई गईं तो उनकी जांच की जाएगी।
उन्होंने कहा कि वे “जंजाल की सफाई” करना जानते हैं और राज्य में कानून व्यवस्था तथा अनुशासन के मामले में किसी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।
10 हजार लोगों के साथ ‘वंदे मातरम्’ का आयोजन
मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रवाद और देशभक्ति के बंधन को मजबूत करने के उद्देश्य से जादवपुर में 10 हजार कंठों में ‘वंदे मातरम्’ गाने का आयोजन किया गया था। बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में लोग कार्यक्रम में पहुंचे। कुछ लोग भीगते हुए और कुछ छाता लेकर राष्ट्रगीत गाते नजर आए।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रवादी नागरिकों, पत्रकारों, शिक्षकों और शिक्षिकाओं समेत विभिन्न वर्गों के लोगों ने कार्यक्रम में भाग लिया। मुख्यमंत्री स्वयं भी राष्ट्रीय ध्वज लेकर इस आयोजन में शामिल हुए और लोगों को धन्यवाद दिया।
राखी बंधन को सरकारी कार्यक्रम से जोड़ने का जिक्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने इस बार राखी बंधन उत्सव को सरकारी कार्यक्रम के रूप में व्यापक स्तर पर आयोजित किया। उनके अनुसार, राज्य के विभिन्न स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित कर सामाजिक और राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया गया।
34 साल के वाम शासन पर हमला
जादवपुर में सभा करने के कारणों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने 34 वर्षों के वाम शासन पर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौर में राष्ट्रवाद और राष्ट्रीय प्रतीकों का पर्याप्त सम्मान नहीं किया गया। उन्होंने नेताजी सुभाष चंद्र बोस, र