कोलकाता: राजनीतिक मतभेदों को पीछे छोड़ते हुए पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कोलकाता के प्रतिष्ठित यंग स्पोर्टिंग क्लब की काली पूजा का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने दिवंगत कांग्रेस नेता और क्लब से लंबे समय तक जुड़े रहे सौमेन मित्र की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि भी दी। क्लब की स्थापना के बाद पहली बार किसी मुख्यमंत्री ने यहां काली पूजा का उद्घाटन किया है। राजनीतिक सत्ता परिवर्तन के बाद मुख्यमंत्री की इस मौजूदगी को लेकर राजनीतिक गलियारों में भी खास चर्चा शुरू हो गई है।
काली पूजा के मंच से ममता बनर्जी पर निशाना, प्रिजन वैन का जिक्र कर कसा तंज
पूजा के उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री ने केवल सद्भावना का संदेश ही नहीं दिया, बल्कि राजनीतिक हमले भी किए। खास तौर पर वर्ष 2025 में काली पूजा के दौरान सूर्यनगर में मां काली की प्रतिमा को पूजा मंडप में चढ़ाने की घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधा। सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि जिस व्यक्ति के निर्देश पर मां काली की प्रतिमा को पूजा मंडप में चढ़ाया गया था, उसी व्यक्ति को बीते 10 अक्टूबर, महालया के दिन दिल्ली पुलिस की प्रिजन वैन में बैठना पड़ा। इसके बाद उन्होंने तंज कसते हुए कहा, "यही मां की शक्ति है। मां कहती नहीं, करके दिखाती है।" उनके इस बयान को राजनीतिक गलियारों में ममता बनर्जी पर सीधे हमले के तौर पर देखा जा रहा है।
चोरबागान हादसे से सबक लेने की अपील, पुलिस-प्रशासन के बीच बेहतर तालमेल पर जोर
मुख्यमंत्री ने काली पूजा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण को लेकर भी विशेष संदेश दिया। उन्होंने बताया कि कोलकाता में करीब 3400 स्वीकृत काली पूजाओं का आयोजन हो रहा है। चोरबागान में हुई दर्दनाक भगदड़ की घटना से सबक लेते हुए उन्होंने पूजा आयोजकों, स्वयंसेवकों, दर्शकों, पुलिस और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने की अपील की, ताकि पूरे उत्सव के दौरान किसी तरह की अप्रिय घटना न हो।
ग्रीन पटाखों के इस्तेमाल की अपील, मिट्टी के दीये खरीदने का दिया संदेश
पर्यावरण संरक्षण पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने काली पूजा में ग्रीन क्रैकर्स यानी पर्यावरण अनुकूल पटाखों के इस्तेमाल की अपील की। साथ ही 'वोकल फॉर लोकल' का संदेश देते हुए लोगों से मिट्टी के दीये खरीदने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि कुम्हारों और मिट्टी के दीये बनाने वाले कारीगरों को प्रोत्साहन देना जरूरी है। आधुनिक बिजली की रोशनी के साथ बंगाल की पारंपरिक मिट्टी के दीयों को भी वापस लाना होगा। मुख्यमंत्री के मुताबिक, आधुनिकता की दौड़ में हम अपनी परंपराओं को भूलते जा रहे हैं और पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रहे हैं। प्रकृति में हो रहे बदलाव के लिए मानवीय गतिविधियां भी जिम्मेदार हैं।
बंगाल की शिक्षा व्यवस्था पर सवाल, 34 साल के वाम शासन और 15 साल के मौजूदा शासन पर हमला
इसके बाद मुख्यमंत्री ने राज्य की शिक्षा व्यवस्था और विकास का मुद्दा उठाते हुए राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने डॉ. विधानचंद्र राय के कार्यकाल का जिक्र करते हुए कहा कि कभी बंगाल देश के अग्रणी राज्यों में शामिल था। उन्होंने मां काली से बंगाल का पुराना गौरव वापस लौटाने की प्रार्थना करने की अपील की। मुख्यमंत्री का दावा है कि 34 वर्षों के वामपंथी शासन और मौजूदा 15 वर्षों के शासन को मिलाकर बंगाल शिक्षा के मामले में आज 31वें स्थान पर पहुंच गया है।
यंग स्पोर्टिंग क्लब की काली पूजा के उद्घाटन में सियासी संदेश बना चर्चा का केंद्र
कुल मिलाकर, यंग स्पोर्टिंग क्लब की काली पूजा का उद्घाटन कई मायनों में खास रहा। एक ओर मुख्यमंत्री ने दिवंगत कांग्रेस नेता सौमेन मित्र की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर राजनीतिक सौजन्यता का संदेश दिया, तो दूसरी ओर ममता बनर्जी पर प्रिजन वैन का जिक्र करते हुए तीखा हमला बोला। धार्मिक आयोजन के मंच से दिए गए इन राजनीतिक बयानों ने काली पूजा के उद्घाटन समारोह को राज्य की सियासत में चर्चा का विषय बना दिया।