कोलकाता: पश्चिम बंगाल की सियासत में जारी राजनीतिक उठापटक के बीच अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (AITC) के कोषाध्यक्ष अरूप बिस्वास ने HDFC बैंक की कोलकाता सेंट्रल प्लाजा शाखा को पत्र लिखकर पार्टी के बैंक खातों के संचालन पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। 12 जून 2026 को भेजे गए इस पत्र में उन्होंने पार्टी के नेतृत्व और अधिकार को लेकर चल रहे विवाद का हवाला दिया है।
खातों से अनधिकृत लेन-देन की आशंका जताई
पत्र में अरूप बिस्वास ने कहा है कि पार्टी के भीतर विभिन्न गुट स्वयं को वैध नेतृत्व बताकर अधिकार का दावा कर रहे हैं। ऐसे में AITC के बैंक खातों से अनधिकृत निकासी, ट्रांसफर या अन्य वित्तीय लेन-देन होने का खतरा बना हुआ है। उन्होंने बैंक से विवाद सुलझने तक यथास्थिति बनाए रखने और किसी भी डेबिट ट्रांजैक्शन या संचालन संबंधी बदलाव की अनुमति न देने का अनुरोध किया है।

सांसदों और विधायकों के पार्टी छोड़ने का किया उल्लेख
कोषाध्यक्ष ने अपने पत्र में दावा किया है कि पार्टी के 28 सांसदों में से 20 और 60 विधायकों में से 58 या तो पार्टी छोड़ चुके हैं या मौजूदा नेतृत्व के खिलाफ खुलकर सामने आ चुके हैं। उन्होंने कहा कि इससे पार्टी की संपत्तियों, वित्तीय मामलों और संगठनात्मक नियंत्रण को लेकर गंभीर विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई है।
पार्टी फंड की सुरक्षा को बताया प्राथमिकता
अरूप बिस्वास ने पत्र में कहा कि पार्टी के धन का उपयोग केवल वैध और अधिकृत नेतृत्व द्वारा ही किया जाना चाहिए। उन्होंने आशंका जताई कि पहले से हस्ताक्षरित चेक या वित्तीय दस्तावेजों का दुरुपयोग किया जा सकता है, जिससे संगठन को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।

विवाद सुलझने तक लेन-देन रोकने की मांग
पत्र में बैंक से आग्रह किया गया है कि सक्षम प्राधिकरण द्वारा विवाद का समाधान होने तक किसी भी प्रकार का वित्तीय लेन-देन न होने दिया जाए। उन्होंने इसे पार्टी की संपत्ति और धनराशि की सुरक्षा के लिए आवश्यक एहतियाती कदम बताया है।
बैंक से मांगी पत्र प्राप्ति की पुष्टि
अरूप बिस्वास ने HDFC बैंक से इस पत्र की प्राप्ति स्वीकार करने और खाते में जमा धनराशि की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने का अनुरोध किया है।