नई दिल्ली/कोलकाता : पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) इस समय अपने इतिहास के सबसे बड़े विभाजन के मुहाने पर खड़ी है। सोमवार को लोकसभा के भीतर एक 'नई तृणमूल' का आत्मप्रकाश हो सकता है। इस महा-विस्फोट से ठीक पहले बागी सांसदों की अगुवाई कर रही डॉ. काकली घोष दस्तीदार ने दिल्ली रवाना होने से पहले बड़ा दावा किया है कि उनके खेमे में अब 20 नहीं, बल्कि 22 सांसद शामिल हो चुके हैं। यानी दो और सांसद ममता बनर्जी का साथ छोड़कर दिल्ली में बागी गुट से हाथ मिलाने जा रहे हैं।
सोमवार की बड़ी रणनीति: अभिषेक बनर्जी को हटाने की तैयारी
सूत्रों के मुताबिक, सोमवार को टीएमसी के ये असंतुष्ट सांसद लोकसभा स्पीकर से मुलाकात कर सकते हैं। बागी गुट की दो रणनीतियों पर चर्चा तेज है:
1. 'असली टीएमसी' का दावा: वे खुद को अलग ब्लॉक घोषित करने के बजाय 'असली टीएमसी' होने का दावा ठोक सकते हैं।
2. अभिषेक बनर्जी की छुट्टी: इस स्थिति में वे वर्तमान लोकसभा दलनेता अभिषेक बनर्जी को पद से हटाकर वरिष्ठ नेता सुवेंदु अधिकारी की पुरानी प्रतिद्वंदी पार्टी के वरिष्ठ चेहरा रहे सुदीप बंद्योपाध्याय को नया दलनेता बनाने का प्रस्ताव दे सकते हैं। साथ ही काकली घोष दस्तीदार को फिर से मुख्य सचेतक (Chief Whip) बनाने की अर्जी दी जा सकती है।
3. NDA के साथ बैठने की मांग: बागी सांसद संसद के भीतर विपक्ष की सीटों से हटकर अपनी सीटें सत्तारूढ़ एनडीए (NDA) सांसदों के साथ आवंटित करने की मांग भी रख सकते हैं।
दिल्ली में आज काकली के घर 'डिनर डिप्लोमेसी' और रणनीति बैठक
सोमवार के इस बड़े कदम से ठीक पहले रविवार की रात को काकली घोष दस्तीदार ने दिल्ली स्थित अपने आवास पर सभी बागी सांसदों के लिए एक विशेष रात्रिभोज (Dinner) का आयोजन किया है। इस डिनर से पहले एक घरेलू बैठक होगी, जिसमें सोमवार को संसद के भीतर अपनाई जाने वाली अंतिम रणनीति और कानूनी पहलुओं पर चर्चा कर उसे अंतिम रूप दिया जाएगा।
रविवार सुबह से ही टीएमसी सांसदों का दिल्ली पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। हालांकि कोलकाता एयरपोर्ट पर माला रॉय, देव और सायनी घोष जैसे सांसदों ने मीडिया के सामने चुप्पी साधे रखी।
बागी खेमे में कौन-कौन है शामिल?
शुरुआत में टीएमसी सांसदों के हस्ताक्षर वाली जो चिट्ठी सामने आई थी, उसमें 19 सांसदों के दस्तखत थे। शनिवार को सुदीप बंद्योपाध्याय के शामिल होने से यह संख्या 20 हुई और अब काकली के दावे के अनुसार यह 22 हो चुकी है। प्रमुख बागी चेहरों में शामिल हैं:
दिग्गज और युवा चेहरे: काकली घोष दस्तीदार, सुदीप बंद्योपाध्याय, शताब्दी राय, माला राय, अबू ताहिर खान, खलीलुर रहमान और कालीपद सोरेन।
सेलेब्रिटी सांसद: सुपरस्टार देव (दीपक अधिकारी), रचना बनर्जी, जून मालिया, और पूर्व क्रिकेटर यूसुफ पठान।
अन्य प्रमुख नाम: नवनियुक्त युवा अध्यक्ष सायनी घोष, पार्थ भौमिक, मिताली बाग, अरूप चक्रवर्ती, जगदीश वर्मा बसुनिया, प्रसून बनर्जी, शर्मिला सरकार और असित माल।
ममता-अभिषेक के साथ अब बचे केवल ये चेहरे
इस भारी टूट के बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के साथ अब केवल 8 सांसद ही खड़े दिखाई दे रहे हैं। इस वफादार गुट में कल्याण बनर्जी, सौगत राय, महुआ मोइत्रा, प्रतिमा मंडल, कीर्ति आजाद, शत्रुघ्न सिन्हा और साज्दा अहमद शामिल हैं।अब पूरी राजनीतिक बिरादरी की नजरें सोमवार को लोकसभा की कार्यवाही पर टिकी हैं, जहां बंगाल की राजनीति की एक नई पटकथा लिखी जाने वाली है।