कूचबिहार/दिनहाटा: पश्चिम बंगाल के कूचबिहार जिले के दिनहाटा में आज एक बेहद अभूतपूर्व और तनावपूर्ण स्थिति देखने को मिली। धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश के मामले में गिरफ्तार तृणमूल कांग्रेस सरकार के पूर्व मंत्री उदयन गुहा (Udayan Guha) को आज जब पुलिस दिनहाटा थाने से बाहर ले जा रही थी, तब उग्र जनता ने उन पर सड़े अंडों की बौछार कर दी। स्थिति यहाँ तक बिगड़ गई कि लोगों ने उन पर जूते भी फेंके। इस 'अंडा बारिश' और जनआक्रोश से पूर्व मंत्री को बचाने के लिए पुलिस को सुरक्षा कवच के तौर पर उनके सिर पर हेलमेट पहनाना पड़ा।
कोलकाता से हुई थी गिरफ्तारी
गौरतलब है कि कूचबिहार पुलिस ने बुधवार को टीएमसी के इस 'दबंग' नेता को कोलकाता के फूलबागान स्थित उनके आवास से गिरफ्तार किया था। इसके बाद आज, गुरुवार को उन्हें सड़क मार्ग से दिनहाटा थाने लाया गया। उदयन गुहा की गिरफ्तारी की खबर फैलते ही भारी संख्या में लोग थाने के बाहर जमा होने लगे। आक्रोशित भीड़ अपने हाथों में सड़े अंडे और जूते लेकर पहले से ही पूर्व मंत्री का इंतजार कर रही थी।
पुलिस की तैयारी धरी की धरी रही, फूटा जनआक्रोश
जनता के गुस्से और विरोध प्रदर्शन की भनक लगते ही पुलिस ने कई एहतियाती कदम उठाए थे। अप्रिय घटना से बचने के लिए पुलिस वैन को सीधे थाने के मुख्य दरवाजे के पास खड़ा किया गया था और मुख्य गेट को भी बंद कर दिया गया था।
अंडों के हमले से बचाने के लिए पुलिस ने उदयन गुहा को हेलमेट पहनाकर बाहर निकाला और जैसे ही उन्हें प्रिजन वैन में बिठाया गया, बाहर खड़ी भीड़ का गुस्सा फूट पड़ा।
गाड़ी पर अंडों की बारिश: गाड़ी के बाहर आते ही चारों तरफ से सड़े अंडे फेंके जाने लगे।
जूते भी उछाले गए: कई प्रदर्शनकारियों ने गाड़ी को निशाना बनाकर जूते फेंके।
रास्ता रोकने की कोशिश: उग्र भीड़ ने पुलिस की गाड़ी को रोकने का भी प्रयास किया, जिससे माहौल बेहद गरमा गया।
शुरुआत में स्थानीय पुलिस को इस स्थिति को संभालने में भारी मशक्कत करनी पड़ी। बाद में केंद्रीय बलों (Central Forces) की भारी तैनाती के बीच कड़ी सुरक्षा के घेरे में पूर्व मंत्री को पहले स्वास्थ्य केंद्र और फिर वहां से अदालत ले जाया गया।
बंगाल में थम नहीं रहा 'अंडा थेरेपी' का चलन
पश्चिम बंगाल की राजनीति में नेताओं पर अंडों से हमला यानी 'एग थेरेपी' की शुरुआत टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी से हुई थी, जब सोनारपुर में एक मृतक कार्यकर्ता के परिजनों से मिलने गए बनर्जी पर अंडे फेंके गए थे। तब से लेकर अब तक बंगाल के अलग-अलग हिस्सों में टीएमसी के विधायकों, चेयरमैनों और पार्षदों को इस तरह के जनआक्रोश का सामना करना पड़ा है। यहाँ तक कि कालीघाट में ममता बनर्जी के घर के बाहर कुणाल घोष पर भी अंडे फेंके गए थे, जिस पर कलकत्ता हाईकोर्ट में मामला भी लंबित है। अब दिनहाटा में उदयन गुहा के साथ हुई इस घटना ने राज्य की सियासत को एक बार फिर गरमा दिया है।