कोलकाता: पश्चिम बंगाल में सोमवार को कोलकाता के ऐतिहासिक हग मार्केट (न्यू मार्केट) परिसर से राज्यस्तरीय ‘क्रेता सुरक्षा सप्ताह’ (Consumer Protection Week) का औपचारिक शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम के दौरान प्रशासनिक मंच से स्पष्ट संदेश दिया गया कि आम उपभोक्ताओं के अधिकारों से खिलवाड़ करने वाले असामाजिक तत्वों, जमाखोरों और जालसाजों के खिलाफ राज्य सरकार 'जीरो टॉलरेंस' (Zero Tolerance) की नीति पर काम करेगी। सब्जियों में हानिकारक रंगों के इस्तेमाल से लेकर प्रॉपर्टी बुकिंग में धोखाधड़ी तक, हर अमानक गतिविधि पर अब कड़ी कानूनी कार्रवाई होगी।
फ्लैट जालसाजी और ऑनलाइन फ्रॉड पर सख्त रुख
प्रशासनिक वक्तव्य में रियल एस्टेट और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के जरिए हो रही धोखाधड़ी पर गहरी चिंता जताई गई। 'जनता दरबार' और शिकायत निवारण प्रकोष्ठ (Grievance Cell) में लगातार मिल रही शिकायतों का हवाला देते हुए बताया गया कि फर्जी विज्ञापनों के जरिए अग्रिम राशि लेकर लोगों को ठगा जा रहा है। इसके साथ ही, ऑनलाइन डिलीवरी कंपनियों के नाम पर चल रहे फर्जीवाड़े का जिक्र करते हुए जानकारी दी गई कि हाल ही में बिधाननगर पुलिस कमिश्नरेट ने न्यू टाउन क्षेत्र में छापेमारी कर 120 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो मशहूर फूड और डिलीवरी ब्रांड्स का नाम भुनाकर ठगी कर रहे थे।
खाद्य पदार्थों में जहर और मिलावट रोकने के लिए बहु-विभागीय अभियान
नवान्न (राज्य सचिवालय) में हाल ही में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक के निर्णयों को साझा करते हुए बताया गया कि बाजार में कीमतों पर नियंत्रण और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बहु-विभागीय रणनीति तैयार की गई है।
कीमतों पर लगाम: हरी सब्जियों और चीनी के दामों में हुई अप्रत्याशित वृद्धि के बाद पुलिस और प्रवर्तन एजेंसियों की सख्ती से बाजार दरों में गिरावट दर्ज की गई है।
रासायनिक रंगों पर पूर्ण प्रतिबंध: नामी रेस्तरां, होटल और मिठाई की दुकानों में खतरनाक रसायनों के उपयोग के साथ-साथ मछली और सब्जियों को 'ताजा' दिखाने के लिए इस्तेमाल होने वाले हानिकारक केमिकल्स पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। मुनाफाखोरों और अवांछित तत्वों के गठजोड़ को पूरी तरह खत्म करने का संकल्प दोहराया गया।
उपभोक्ता जागरूकता और 2019 कानून का व्यापक प्रचार
वर्ष 2019 के उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम (जो 20 जुलाई 2020 से प्रभावी है) के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के लिए सप्ताह भर विशेष अभियान चलाया जाएगा।
- प्रचार के माध्यम: बाउल संगीत, स्ट्रीट प्ले (पथनाटिका), लीफलेट वितरण, झांकियां (टैब्लो) और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल किया जा रहा है।
- सड़क पर जांच: प्रशासनिक अधिकारी सीधे बाजारों में जाकर नाप-तौल के इलेक्ट्रॉनिक और पारंपरिक उपकरणों की जांच करेंगे।
विभाग के सुदृढ़ीकरण और नई नियुक्तियों का ऐलान
उपभोक्ता संरक्षण विभाग को अधिक सक्रिय और गतिशील बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण सरकारी कदमों की घोषणा की गई:
- विभाग के लिए बजट में अतिरिक्त धनराशि का आवंटन।
- पब्लिक सर्विस कमीशन (PSC) के माध्यम से अधिकारियों की त्वरित भर्ती।
- खाद्य सामग्री की गुणवत्ता और माप परीक्षण के लिए आधुनिक तकनीकों व उपकरणों की आपूर्ति।
- नियमों को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए एनफोर्समेंट ब्रांच (EB) और एंटी करप्शन ब्रांच (ACB) का पूर्ण सहयोग।