कोलकाता: पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (Special Summary Revision – SSR) को लेकर भारत निर्वाचन आयोग ने संशोधित समय-सारिणी जारी कर दी है। आयोग के नए कार्यक्रम के अनुसार, 23 नवंबर 2026 को मतदाता सूची का ड्राफ्ट प्रकाशित किया जाएगा, जबकि अंतिम मतदाता सूची 16 जनवरी 2027 को जारी होगी। इस प्रक्रिया के लिए 1 जनवरी 2027 को अर्हता तिथि निर्धारित किया गया है।
28 अक्टूबर को जारी हुआ संशोधित कार्यक्रम
भारत निर्वाचन आयोग की ओर से 28 अक्टूबर 2026 को जारी निर्देश के मुताबिक, पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय की ओर से भेजे गए प्रस्ताव पर सहमति देते हुए नई समय-सारिणी को मंजूरी दी गई है। इसके तहत राज्य में मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया निर्धारित समयसीमा के अनुसार पूरी की जाएगी।
13 नवंबर तक पूरा होगा मतदान केंद्रों का पुनर्गठन
निर्वाचन आयोग की संशोधित समय-सारिणी के अनुसार, 13 नवंबर 2026 तक मतदान केंद्रों के युक्तिकरण और पुनर्गठन का काम पूरा करना होगा। इसके बाद 23 नवंबर को समेकित प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। ड्राफ्ट सूची जारी होने के बाद मतदाता अपने नाम और अन्य विवरणों की जांच कर सकेंगे।
23 नवंबर से 22 दिसंबर तक दावे और आपत्तियां
ड्राफ्ट मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद 23 नवंबर से 22 दिसंबर 2026 तक मतदाता सूची में नाम शामिल कराने, विवरणों में सुधार कराने और अन्य दावे एवं आपत्तियां दर्ज कराने का अवसर मिलेगा। इस अवधि में मतदाता अपनी जानकारी की जांच कर सूची में किसी भी तरह की त्रुटि होने पर निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर सकेंगे।

8 जनवरी तक दावों और आपत्तियों का निपटारा
आयोग की ओर से जारी कार्यक्रम के मुताबिक, मतदाता सूची से संबंधित सभी दावों और आपत्तियों के निपटारे की अंतिम तारीख 8 जनवरी 2027 तय की गई है। निर्धारित समयसीमा के भीतर आवेदनों की जांच और निपटारे की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इसके बाद अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित करने की तैयारी की जाएगी।
16 जनवरी 2027 को जारी होगी अंतिम मतदाता सूची
पश्चिम बंगाल की अंतिम मतदाता सूची 16 जनवरी 2027 को प्रकाशित की जाएगी। आयोग के निर्देशानुसार, संशोधित कार्यक्रम की जानकारी सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों तक पहुंचानी होगी। इसके साथ ही विभिन्न समाचार माध्यमों के जरिए कार्यक्रम का व्यापक प्रचार करने और राजनीतिक दलों को लिखित रूप से इसकी जानकारी देने के निर्देश भी दिए गए हैं।
मतदाताओं के लिए क्यों अहम है यह प्रक्रिया?
संशोधित कार्यक्रम के तहत ड्राफ्ट सूची प्रकाशित होने के बाद मतदाताओं को अपने नाम और विवरण की जांच करने का अवसर मिलेगा। निर्धारित अवधि के दौरान नाम जोड़ने, सुधार कराने या किसी तरह की त्रुटि के संबंध में दावा और आपत्ति दर्ज कराई जा सकेगी। सभी दावों और आपत्तियों के निपटारे के बाद 16 जनवरी 2027 को पश्चिम बंगाल की अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।