कोलकाता: पश्चिम बंगाल में हथियारों और विस्फोटकों की अवैध तस्करी के नेटवर्क का बड़ा खुलासा हुआ है। पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने लगातार छापेमारी कर अंतरराज्यीय हथियार तस्करी गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में अब तक 38 अवैध हथियार, 122 कारतूस और 2 खाली मैगजीन बरामद की गई हैं। वहीं, बीरभूम जिले में चलाए गए एक अलग अभियान के दौरान विस्फोटकों का बड़ा जखीरा जब्त किया गया है। पुलिस ने दोनों मामलों में कुल दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। शुरुआती जांच में हथियारों की तस्करी का बिहार के मुंगेर और विस्फोटकों की सप्लाई का बिहार एवं झारखंड से कनेक्शन सामने आया है। STF अब इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है।
जामुड़िया से गिरफ्तारी के बाद खुला हथियार तस्करी नेटवर्क
STF पश्चिम बंगाल के एसपी सिद्धार्थ दोपला ने बृहस्पतिवार को दुर्गापुर स्थित STF कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस कार्रवाई की जानकारी दी। इस दौरान डीएसपी STF अरिजीत दास गुप्ता भी मौजूद रहे। एसपी ने बताया कि हथियार तस्करी के इस मामले की जांच 30 जुलाई को जामुड़िया के बेलबाद मोड़ से खैरुल आलम चौधरी उर्फ गदाई की गिरफ्तारी के बाद शुरू हुई थी। उसकी गिरफ्तारी के बाद पुलिस को हथियारों की अवैध खरीद-बिक्री से जुड़े कई अहम सुराग मिले। जांच आगे बढ़ने पर एक संगठित अंतरराज्यीय गिरोह की जानकारी सामने आई। यह गिरोह दूसरे राज्यों से अवैध हथियार लाकर पश्चिम बंगाल के अलग-अलग इलाकों में उनकी सप्लाई करता था। इसके बाद STF ने नेटवर्क से जुड़े लोगों की पहचान कर अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी शुरू की।
बिहार के मुंगेर से बंगाल पहुंचाए जा रहे थे अवैध हथियार
जांच के दौरान पता चला कि गिरोह बिहार के मुंगेर जिले से अवैध हथियार खरीदकर पश्चिम बंगाल के विभिन्न क्षेत्रों में सप्लाई कर रहा था। इस मामले में पुलिस ने रांची से मोहम्मद समशेर हुसैन और पांडवेश्वर से शेख सहजान उर्फ सहजान को गिरफ्तार किया। आरोपियों से पूछताछ और उनकी निशानदेही के आधार पर STF ने अंडाल और पांडवेश्वर इलाके में छापेमारी की। इस दौरान बड़ी संख्या में अवैध हथियार और कारतूस बरामद किए गए। पुलिस ने 3 और 5 नवंबर को धनबांध गांव में भी तलाशी अभियान चलाया। इस तलाशी के दौरान 21 देसी बंदूकें और 65 कारतूस मिले। अब तक की पूरी कार्रवाई में 38 अवैध हथियार, 122 कारतूस और दो खाली मैगजीन जब्त किए जाने की जानकारी दी गई है।
बीरभूम में 1,150 जिलेटिन स्टिक और 1,064 डेटोनेटर जब्त
हथियार तस्करी के मामले के अलावा STF ने बीरभूम जिले में विस्फोटकों की अवैध सप्लाई के खिलाफ भी बड़ी कार्रवाई की। 4 और 5 नवंबर की दरम्यानी रात पुलिस की टीम ने मुराराई थाना क्षेत्र के बरुआ गोपालपुर गांव में छापेमारी की। इस दौरान मोहम्मद रेजा शेख उर्फ गुधा शेख (56) और मुकेश सिंह (49) को गिरफ्तार किया गया। तलाशी के दौरान उनके पास से भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद हुई। इसमें 1,150 जिलेटिन स्टिक, 1,064 डेटोनेटर और 375 मीटर के 32 रोल इलेक्ट्रिक केबल शामिल हैं। इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री मिलने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच तेज कर दी है। STF अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि विस्फोटक कहां से लाए गए थे और इनके इस्तेमाल की क्या योजना थी।
बिहार और झारखंड तक फैला विस्फोटकों की सप्लाई का कनेक्शन
विस्फोटकों की बरामदगी के बाद की गई शुरुआती जांच में इनके बिहार और झारखंड में सप्लाई किए जाने की आशंका सामने आई है। पुलिस के मुताबिक, जब्त विस्फोटक सामग्री को इन दोनों राज्यों में पहुंचाया जाना था। मामले में विस्फोटक पदार्थ अधिनियम सहित संबंधित कानूनी धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। जांच एजेंसियां अब विस्फोटकों के स्रोत, सप्लाई करने वाले लोगों और इन्हें हासिल करने वाले संभावित खरीदारों की जानकारी जुटा रही हैं। इसके साथ ही गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर उनके संपर्कों और अन्य सहयोगियों का पता लगाया जा रहा है। STF की कोशिश है कि हथियारों और विस्फोटकों की तस्करी से जुड़े पूरे नेटवर्क को उजागर किया जा सके। आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां होने की भी संभावना है।