रायपुर। छत्तीसगढ़ में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के दौरे के पहले दिन प्रदेश की राजनीति और विकास दोनों ही केंद्र में रहे। एक ओर अमित शाह ने प्रदेश को “नेक्स्ट जेन CG Dial 112” सेवा की बड़ी सौगात दी, तो दूसरी ओर कांग्रेस ने बस्तर के मुद्दों को लेकर उनसे मुलाकात करने का ऐलान कर सियासी हलचल बढ़ा दी।
प्रदेशभर में शुरू हुई नेक्स्ट जेन CG Dial 112 सेवा
रायपुर में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने 400 अत्याधुनिक डायल-112 वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मौजूदगी में “नेक्स्ट जेन CG Dial 112 सेवा” का विस्तार अब प्रदेश के सभी 33 जिलों तक कर दिया गया।
“एक्के नंबर सब्बो बर” थीम पर आधारित यह सेवा पुलिस, मेडिकल इमरजेंसी, आगजनी, सड़क दुर्घटना और आपदा जैसी परिस्थितियों में त्वरित सहायता उपलब्ध कराएगी। सरकार का दावा है कि इस नई व्यवस्था से रिस्पॉन्स टाइम कम होगा और स्मार्ट पुलिसिंग को मजबूती मिलेगी।
इसके साथ ही 60 फोरेंसिक मोबाइल यूनिट्स की भी शुरुआत की गई है। आधुनिक तकनीक और सीसीटीवी से लैस ये यूनिट्स घटनास्थल पर पहुंचकर तत्काल साक्ष्य जुटाने में मदद करेंगी।
बस्तर दौरे को भाजपा ने बताया विकास की बड़ी पहल
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने बस्तर में भी विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। भाजपा नेताओं ने इसे बस्तर के विकास और सुरक्षा के लिहाज से बड़ा कदम बताया।
भाजपा विधायक पुरंदर मिश्रा और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष Dharamlal Kaushik ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार बस्तर के समग्र विकास के लिए लगातार काम कर रही है और अमित शाह का दौरा उसी दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
कांग्रेस भी करेगी अमित शाह से मुलाकात
वहीं कांग्रेस ने भी बस्तर के विकास को लेकर अपनी सक्रियता दिखाई है। कांग्रेस का कहना है कि वह विकास की पक्षधर है और इसी मुद्दे पर चर्चा के लिए प्रदेश अध्यक्ष Deepak Baij की अगुवाई में प्रतिनिधिमंडल अमित शाह से मुलाकात करेगा।
कांग्रेस महामंत्री मलकीत सिंह गेंदू ने कहा कि नगरनार स्टील प्लांट, NMDC और बस्तर के विकास से जुड़े मुद्दों को लेकर चर्चा की जाएगी। इसके लिए कलेक्टर को ज्ञापन भी सौंपा गया है।
कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशिल आनंद शुक्ला ने कहा कि बस्तर के विकास पर राजनीति नहीं बल्कि गंभीर और ठोस चर्चा की जरूरत है।
बस्तर के विकास पर तेज हुई सियासत
अमित शाह के दौरे के साथ ही बस्तर में विकास की राजनीति भी तेज हो गई है। भाजपा सरकार जहां इसे बस्तर के लिए बड़ी सौगात और विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बता रही है, वहीं कांग्रेस स्थानीय रोजगार, नगरनार स्टील प्लांट और NMDC जैसे मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में है।
अब नजर इस बात पर रहेगी कि बस्तर के विकास को लेकर केंद्र और राज्य सरकार की ओर से जमीनी स्तर पर कौन से ठोस फैसले सामने आते हैं।