मध्यप्रदेश में अब शादी-ब्याह, बारात, धार्मिक यात्राएं और विशेष आयोजनों के लिए बस किराए पर लेना महंगा पड़ेगा। परिवहन विभाग ने इन अवसरों पर चलने वाली बसों के परमिट शुल्क में बढ़ोतरी कर दी है। यह फैसला तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
क्या बदला?
- पहले परमिट शुल्क ₹12 प्रति सीट प्रतिदिन था
- अब बढ़ाकर ₹18 प्रति सीट प्रतिदिन कर दिया गया है
अस्थायी (टेंपरेरी) परमिट भी महंगा
- 100 किमी तक: ₹200 प्रति सीट
- इसके बाद हर 10 किमी पर: ₹12 प्रति सीट
- पहले यह दर ₹10 प्रति 10 किमी प्रति सीट थी
अपर परिवहन आयुक्त प्रशासन विनोद भार्गव के अनुसार, लंबे रूट पर चलने वाली बसों की निगरानी और राजस्व बढ़ाने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है।
ट्रकों पर भी नया टैक्स नियम
मध्य प्रदेश राजपत्र में जारी अधिसूचना के अनुसार:
- अब रेडी ट्रक खरीदने पर मूल कीमत का 5% टैक्स लगेगा
- केवल चेसिस खरीदने पर 6% टैक्स देना होगा
बॉडी पर अलग से टैक्स नहीं लगेगा इस नई कर व्यवस्था से आने वाले समय में माल परिवहन की लागत बढ़ने और किराए/मालभाड़े पर असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है। यानी आम लोगों के लिए शादी, धार्मिक टूर और सामान ढुलाई — तीनों ही क्षेत्रों में खर्च बढ़ सकता है।