बुंदेलखंड की मिट्टी में आज भी अंधविश्वास की जड़ें इतनी गहरी हैं कि लोग बीमारी, गरीबी और परेशानियों का इलाज अस्पतालों में नहीं, बल्कि ढोंगी तांत्रिकों और झाड़फूंक करने वालों के दरबार में तलाशते हैं। इसी अंधविश्वास के मकड़जाल ने अब रिश्तों की मर्यादा और इंसानियत दोनों को शर्मसार कर दिया है। पन्ना में ‘अघोरी’ का डर दिखाकर एक कथित गुनिया ने अपनी ही बहू को हवस का शिकार बना डाला। तंत्र-मंत्र और झाड़फूंक के नाम पर रची गई यह साजिश सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि समाज में फैल रहे उस अंधे डर की खतरनाक तस्वीर है, जहां भरोसा ही सबसे बड़ा हथियार बनता जा रहा है।
अंधविश्वास का खौफनाक खेल: ‘अघोरी’ के डर में फंसा परिवार, रिश्तों को किया शर्मसार
Panna जिले में अंधविश्वास का ऐसा भयावह मामला सामने आया है, जिसने इंसानियत और रिश्तों दोनों को कटघरे में खड़ा कर दिया है। सिविल लाइन चौकी क्षेत्र में रहने वाले एक मजदूर परिवार को “अघोरी का साया” बताकर डराया गया और फिर उसी डर का फायदा उठाकर रिश्ते के जेठ ने अपनी ही बहू के साथ दुष्कर्म कर डाला। आरोपी खुद को गुनिया और तंत्र-मंत्र जानने वाला बताता था। उसने पति-पत्नी को विश्वास दिलाया कि अगर झाड़फूंक नहीं कराई गई तो परिवार पर बड़ा संकट आ सकता है। डरे-सहमे परिवार ने आरोपी की हर बात मान ली। झाड़फूंक के नाम पर अंडा, नारियल, अगरबत्ती, शराब और गांजा जैसी सामग्री मंगवाई गई। 18 मई की रात आरोपी घर पहुंचा और तंत्र-मंत्र का ढोंग रचते हुए पहले पति की झाड़फूंक की। इसके बाद उसने महिला को कमरे में बुलाकर दरवाजा बंद कर लिया और किसी नशीले पदार्थ का इस्तेमाल कर उसे बेसुध कर दिया। महिला के होश खोते ही आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म किया और बाहर निकलकर कहा कि अब “अघोरी का साया खत्म हो गया है।”
बुंदेलखंड में बढ़ता अंधविश्वास: ढोंगी तांत्रिकों के जाल में फंस रहे लोग
यह घटना सिर्फ एक आपराधिक मामला नहीं, बल्कि बुंदेलखंड में तेजी से फैल रहे अंधविश्वास के खतरनाक असर को भी उजागर करती है। गांवों और मजदूर बस्तियों में आज भी लोग बीमारी, मानसिक तनाव और पारिवारिक परेशानियों को “ऊपरी बाधा” मानकर झाड़फूंक और तंत्र-मंत्र का सहारा लेते हैं। इसी कमजोरी का फायदा उठाकर ढोंगी तांत्रिक लोगों को डराते हैं और फिर आर्थिक, मानसिक और शारीरिक शोषण तक कर डालते हैं। पन्ना की इस घटना ने एक बार फिर समाज में जागरूकता और शिक्षा की कमी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे ढोंगी बाबाओं और कथित गुनियाओं पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो अंधविश्वास का यह मकड़जाल और भी खतरनाक रूप ले सकता है।