आलिया भट्ट ने 2026 के कान्स फिल्म समारोह में अपने पारंपरिक भारतीय नथ पहनकर सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। तरुण तहिलियानी द्वारा विशेष रूप से तैयार आइवरी रंग की साड़ी-गाउन के साथ उनका यह लुक भारतीय विरासत और आधुनिक फैशन के अद्भुत मेल का प्रतीक बन गया। भारत पैविलियन के उद्घाटन के दौरान उनके इस अंदाज ने वैश्विक मंच पर भारतीय संस्कृति की गहरी छाप छोड़ी।
पारंपरिक और आधुनिकता का अनोखा संगम
रिया कपूर द्वारा स्टाइल किए गए इस लुक में आलिया भट्ट ने भारतीय पारंपरिक परिधान को यूरोपीय संरचना वाली आधुनिक डिजाइनिंग के साथ खूबसूरती से जोड़ा। इस पूरे लुक का सबसे खास आकर्षण उनका बेहद नाजुक नथ रहा, जिसने फ्रांस के रिवेरा में भारतीय आभूषण परंपरा को फिर से जीवंत कर दिया।
भारतीय विरासत से सजा रॉयल लुक
इस विशेष लुक में केवल आधुनिक आभूषणों का नहीं, बल्कि भारतीय शिल्प और परंपरा का भी गहरा समावेश देखने को मिला।
नथ: पारंपरिक भारतीय नथ जिसने उनके चेहरे की सुंदरता को और निखार दिया और वैश्विक ध्यान आकर्षित किया।
बिंदी: छोटा सा पारंपरिक बिंदी जो उनके न्यूनतम मेकअप लुक में आध्यात्मिक और शालीनता का भाव लेकर आया।
हाथफूल: राजसी युग की याद दिलाने वाले पारंपरिक हाथ आभूषण।
पायल: मोतियों से सजे हल्के पायजेब, जो उनकी हर चाल में भारतीय स्त्री सौंदर्य की झलक दे रहे थे।
कान्स में नथ की दुर्लभ वापसी
नथ भारतीय संस्कृति का अत्यंत सम्मानित आभूषण है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय मंच कान्स पर इसका उपयोग बेहद दुर्लभ माना जाता है। आलिया भट्ट का यह प्रदर्शन पिछले अस्सी वर्षों में केवल तीसरा अवसर है जब किसी भारतीय अभिनेत्री ने कान्स में नथ पहनी हो। इससे पहले यह परंपरा सोनम कपूर और विद्या बालन ने वर्ष 2013 में निभाई थी।
वैश्विक स्तर पर भारतीय संस्कृति की गूंज
आलिया के इस लुक ने वैश्विक दर्शकों और सामाजिक माध्यमों पर व्यापक चर्चा छेड़ दी। इसमें महाराष्ट्र की पेशवाई नथ से लेकर दक्षिण भारत की मुकुटी जैसी विविध भारतीय नथ शैलियों की झलक को सराहा गया। पश्चिमी परिधानों के वर्चस्व वाले मंच पर आलिया का यह भारतीय पारंपरिक प्रस्तुतीकरण इस बात का प्रमाण बना कि भारतीय सांस्कृतिक सौंदर्य विश्व मंच पर भी पूरी मजबूती से अपनी पहचान रखता है।