सेलिना जेटली ने हाल ही में मां बगलामुखी देवी के मंदिर पहुंचकर विशेष पूजा-अर्चना की। अभिनेत्री ने अपनी इस आध्यात्मिक यात्रा का वीडियो सोशल मीडिया मंच इंस्टाग्राम पर साझा किया, जिसमें वह मां के गर्भगृह के सामने बेहद भावुक अवस्था में नजर आईं। वीडियो में उनके चेहरे पर गहरी उदासी और भीतर चल रहे संघर्ष की झलक स्पष्ट दिखाई दे रही थी। मंदिर की परंपरा के अनुसार उन्होंने सिर पर पीले रंग की चुनरी धारण की हुई थी, जबकि आसपास वैदिक मंत्रोच्चारण का वातावरण पूरी श्रद्धा और भक्ति से गूंज रहा था।
गर्भगृह में बैठकर मांगे रिश्तों के लिए आशीर्वाद
अभिनेत्री ने वीडियो साझा करते हुए अपने मन की पीड़ा भी व्यक्त की। उन्होंने लिखा कि मां बगलामुखी के गर्भगृह में बैठकर उन्होंने दिव्य मां से अपने भाई से दोबारा मिलने, बच्चों के साथ संबंधों को फिर से मजबूत करने और उस रिश्ते को वापस पाने की प्रार्थना की, जिसे नियति को कभी अलग नहीं करना चाहिए था। उनके शब्दों में गहरा भावनात्मक दर्द और टूटते रिश्तों को बचाने की एक सच्ची पुकार महसूस की जा रही थी।
आध्यात्मिक संकेतों ने बदली जीवन की दिशा
इससे पहले साझा किए गए एक अन्य पोस्ट में सेलिना जेटली ने बताया था कि लगभग एक महीने पहले उनके मित्र हितेन के माध्यम से मां बगलामुखी उनके जीवन में आईं। उन्होंने स्वीकार किया कि देवी भक्त होने के बावजूद वह मां बगलामुखी के बारे में बहुत कम जानती थीं। अभिनेत्री के अनुसार इसके बाद उन्हें लगातार ऐसे संकेत मिलने लगे जिन्हें वह सामान्य संयोग मानकर नजरअंदाज नहीं कर सकीं। मंत्र, लोग और दैवीय घटनाएं उन्हें बार-बार मां बगलामुखी की ओर आकर्षित करती रहीं।
चार सप्ताह में ही मां ने अपने दरबार बुलाया
सेलिना जेटली ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि जीवन में पहली बार मां बगलामुखी का संकेत मिलने के मात्र चार सप्ताह के भीतर उन्हें ऐसा अनुभव हुआ मानो देवी स्वयं उन्हें अपने दरबार बुला रही हों। अभिनेत्री ने इसे एक गहरा आध्यात्मिक अनुभव बताया। उनके अनुसार यह यात्रा केवल मंदिर दर्शन तक सीमित नहीं थी बल्कि आत्मिक शांति, टूटे विश्वास और भावनात्मक संतुलन को दोबारा पाने की एक कोशिश भी थी।
सोशल मीडिया पर भावुक हुए प्रशंसक
अभिनेत्री का यह वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर उनके प्रशंसक भी भावुक दिखाई दिए। कई लोगों ने उनके लिए प्रार्थना करते हुए मां बगलामुखी से उन्हें शक्ति और शांति देने की कामना की। वहीं अनेक श्रद्धालुओं ने देवी की महिमा और आध्यात्मिक अनुभवों को लेकर अपने विचार भी साझा किए। अभिनेत्री की भावुक अभिव्यक्ति ने लोगों के बीच संवेदना और आध्यात्मिक जुड़ाव दोनों को गहराई से प्रभावित किया।
कठिन समय में आध्यात्मिकता बनी सहारा
जीवन के कठिन दौर में अक्सर लोग आध्यात्मिक शक्ति और आस्था की ओर आकर्षित होते हैं। सेलिना जेटली का यह अनुभव भी इसी भावनात्मक और आध्यात्मिक यात्रा को दर्शाता है। जब निजी जीवन में रिश्तों, भावनाओं और मानसिक संघर्षों का दबाव बढ़ता है, तब आस्था कई लोगों के लिए आंतरिक शक्ति का माध्यम बन जाती है। अभिनेत्री का यह भावुक पक्ष उनके प्रशंसकों को भी मानवीय संवेदनाओं से जोड़ता दिखाई दिया।
आस्था के दरबार में छलका एक टूटे दिल का दर्द
मां बगलामुखी के चरणों में बैठी सेलिना जेटली की नम आंखें केवल एक अभिनेत्री की भावनाएं नहीं बल्कि उन अनगिनत लोगों की संवेदनाएं भी थीं, जो जीवन के कठिन मोड़ों पर ईश्वर में सहारा खोजते हैं। रिश्तों को बचाने, अपनों से फिर जुड़ने और मन की शांति पाने की उनकी प्रार्थना ने इस आध्यात्मिक यात्रा को बेहद भावुक बना दिया। अब उनके प्रशंसकों की भी यही कामना है कि मां बगलामुखी उनकी जिंदगी में फिर से सुख, शांति और अपनापन लौटाएं।