मां को खोकर शोकाकुल अभिनेता Prakash Raj। लेकिन शोक के माहौल में भी विवाद ने उनका पीछा नहीं छोड़ा। नास्तिक होने के बावजूद उन्होंने अपनी मां का अंतिम संस्कार ईसाई रीति-रिवाज से क्यों किया? इसी सवाल को लेकर उन्हें आलोचना का सामना करना पड़ा। अब दक्षिण के इस अभिनेता ने आलोचकों को करारा जवाब दिया है।
आलोचकों के लिए सख्त संदेश
बीते 29 मार्च को प्रकाश राज की मां का निधन हो गया। चर्च में उनकी मां के अंतिम संस्कार की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आते ही आलोचना शुरू हो गई। आलोचकों के एक वर्ग ने सवाल उठाया— जो व्यक्ति खुद को जन्म से नास्तिक बताता है, वह धार्मिक रीति-रिवाज क्यों निभा रहा है?
इसके जवाब में बेहद शांत लेकिन दृढ़ शब्दों में प्रकाश राज ने कहा:
“मैं ईश्वर में विश्वास नहीं करता, यह सही है। लेकिन मेरी मां ईश्वर में विश्वास करती थीं। मैं उन्हें कैसे नकार सकता हूं? अपनी धार्मिक परंपरा के अनुसार दफन होने का उन्हें पूरा अधिकार है। कम से कम इतना सम्मान तो हमें एक-दूसरे को देना ही चाहिए।”
मां की बीमारी और संघर्ष
प्रकाश राज की मां लंबे समय से उम्र संबंधी बीमारियों से जूझ रही थीं। अभिनेता ने पहले ही बताया था कि उनकी मां के सिर में एक सिस्ट पाया गया था। सर्जरी सफल रही, लेकिन बाद में नई समस्याएं सामने आईं।
- स्मृति ह्रास: ऑपरेशन के बाद उनकी याददाश्त कमजोर होने लगी।
- परिवार को भूलना: अंतिम दिनों में वह अपने करीबी लोगों, यहां तक कि परिवार के सदस्यों को भी पहचान नहीं पाती थीं।
समर्थन में फैन्स
प्रकाश के इस तार्किक और मानवीय जवाब की सोशल मीडिया पर कई लोगों ने सराहना की। उनके अनुसार, विचारधारा की लड़ाई और मां को अंतिम श्रद्धांजलि देना दो अलग बातें हैं। किसी इंसान की आस्था का सम्मान करना ही सच्ची इंसानियत है— और प्रकाश राज ने वही करके दिखाया है।