वॉशिंगटन/तेहरान। अमेरिका अपने लापता पायलट की तलाश में तेजी से जुटा हुआ है, जो उस लड़ाकू विमान में सवार था जिसे ईरान के ऊपर मार गिराया गया। इस घटना के बाद दोनों देशों के बीच तनाव और ज्यादा बढ़ गया है और हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं।
सर्च ऑपरेशन तेज, एक पायलट अब भी लापता
- अमेरिकी सेना ने एफ-15 फाइटर जेट के क्रू मेंबर की तलाश के लिए सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया है।
- बताया जा रहा है कि शुक्रवार को दुश्मन की फायरिंग में अमेरिका के दो लड़ाकू विमान गिराए गए थे।
- एक पायलट को सुरक्षित बचा लिया गया
- दूसरा अब भी लापता है
पहली बार ईरान के अंदर गिरा अमेरिकी विमान
यह इस संघर्ष के दौरान पहली बार हुआ है जब किसी अमेरिकी फाइटर जेट को ईरान की सीमा के भीतर मार गिराया गया। इससे पेंटागन की चिंता बढ़ गई है और युद्ध के और गहराने की आशंका जताई जा रही है।
रेस्क्यू मिशन पर भी हमला
- लापता पायलट को ढूंढने के लिए भेजे गए अमेरिकी हेलीकॉप्टरों पर भी हमले की खबर है, जिसमें कुछ सैनिक घायल हुए हैं।
- वहीं, ईरान के सरकारी मीडिया में लापता अमेरिकी सैनिक को पकड़ने के लिए इनाम की घोषणा भी की गई है।
A-10 जेट पर भी हमला, पायलट सुरक्षित
एक अन्य A-10 थंडरबोल्ट II पर भी हमला किया गया, लेकिन उसका पायलट सुरक्षित बाहर निकलने में सफल रहा और बाद में उसे बचा लिया गया।
बयानबाजी तेज, ट्रंप की चेतावनी
- डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा कि वह हॉर्मुज स्ट्रेट को खोले, नहीं तो गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
- उन्होंने कहा कि “अगले 48 घंटे बेहद अहम हैं और हालात और बिगड़ सकते हैं।”
ईरान की कड़ी प्रतिक्रिया
- ईरान की सेना ने भी पलटवार करते हुए कहा कि अगर हमले जारी रहे तो “नरक के दरवाजे खोल दिए जाएंगे।”
- इससे दोनों देशों के बीच टकराव और बढ़ने की आशंका है।
होर्मुज स्ट्रेट बना तनाव का केंद्र
- हॉर्मुज स्ट्रेट दुनिया में तेल सप्लाई का सबसे अहम मार्ग माना जाता है।
- ईरान ने अमेरिकी और इजरायली हमलों के जवाब में इस रास्ते पर रोक लगा दी है, जिससे वैश्विक चिंता बढ़ गई है।
जोखिम भरा रेस्क्यू ऑपरेशन
- लापता पायलट की तलाश दुश्मन के इलाके में की जा रही है, जो बेहद खतरनाक है।
- रिपोर्ट्स के मुताबिक, स्थानीय लोग भी अमेरिकी हेलीकॉप्टरों पर फायरिंग कर रहे हैं और कई समूह पायलट को खोजने में लगे हैं।
संघर्ष का दायरा बढ़ा
यह संघर्ष अब छठे हफ्ते में पहुंच चुका है और लगातार फैल रहा है।
इज़राइल ने उन इलाकों में हमले रोक दिए हैं, जहां लापता अमेरिकी कर्मी के होने की आशंका है, और वह अमेरिका के साथ खुफिया जानकारी भी साझा कर रहा है।