भोपाल. मध्य प्रदेश में मई का महीना इस बार लोगों के लिए भारी पड़ता नजर आ रहा है। राज्य के अधिकांश हिस्सों में तेज धूप और झुलसा देने वाली गर्म हवाओं ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। दोपहर के समय सड़कें सूनी दिखाई दे रही हैं और लोग जरूरी कामों के अलावा घरों से बाहर निकलने से बच रहे हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है, क्योंकि प्रदेश के 55 में से 31 जिलों में भीषण लू चलने की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार बढ़ते तापमान के कारण हीट वेव का असर लंबे समय तक बना रह सकता है।
कई शहरों में रात का तापमान भी पहुंचा रिकॉर्ड स्तर पर
इस बार की गर्मी की सबसे बड़ी चिंता केवल दिन का तापमान नहीं, बल्कि रातों का असामान्य रूप से गर्म होना भी है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार जबलपुर में न्यूनतम तापमान 28.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि दतिया और गुना में यह 28.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इंदौर में रात का तापमान सामान्य से चार डिग्री अधिक रिकॉर्ड किया गया, वहीं सागर में यह सामान्य से 2.3 डिग्री अधिक रहा। लगातार गर्म बनी रहने वाली रातों के कारण लोगों को राहत नहीं मिल पा रही है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का खतरा भी बढ़ गया है।
42 से 45 डिग्री के बीच रह सकता है अधिकतम तापमान
मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से ऊपर बना रहेगा। कई शहरों में तापमान 42 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंच सकता है। तेज धूप और शुष्क हवाओं के कारण दोपहर के समय हालात और अधिक कठिन हो सकते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि हवा में नमी बेहद कम होने और आसमान साफ रहने के कारण सूर्य की किरणें सीधे धरती को तपाने का काम कर रही हैं। यही वजह है कि प्रदेश में लू की तीव्रता लगातार बढ़ती जा रही है।
विदिशा से ग्वालियर तक कई जिलों में अलर्ट
भारतीय मौसम विभाग ने जिन जिलों में लू की चेतावनी जारी की है, उनमें विदिशा, रायसेन, खंडवा, रतलाम, गुना, ग्वालियर, दतिया, रीवा, राजगढ़, उज्जैन, जबलपुर, सागर, छतरपुर और टीकमगढ़ जैसे प्रमुख जिले शामिल हैं। इन इलाकों में दिन के समय गर्म हवाएं लोगों के लिए गंभीर परेशानी पैदा कर सकती हैं। प्रशासन ने भी स्वास्थ्य विभाग और आपदा प्रबंधन इकाइयों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। अस्पतालों में हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन से जुड़े मामलों के बढ़ने की आशंका को देखते हुए विशेष तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।
पचमढ़ी बना प्रदेश को राहत देने वाला ठिकाना
जहां पूरा प्रदेश गर्मी से झुलस रहा है, वहीं ‘सतपुड़ा की रानी’ कहलाने वाला पचमढ़ी कुछ राहत देता नजर आया। प्रदेश के इस प्रसिद्ध हिल स्टेशन में न्यूनतम तापमान 19.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 4.1 डिग्री कम है। प्राकृतिक हरियाली और पहाड़ी वातावरण के कारण यहां मौसम अपेक्षाकृत सुहावना बना हुआ है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि प्रदेश के मैदानी हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक राहत मिलने की संभावना बेहद कम दिखाई दे रही है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने जारी की सावधानी की सलाह
लगातार बढ़ती गर्मी को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। डॉक्टरों का कहना है कि दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक धूप में निकलने से बचना चाहिए। पर्याप्त मात्रा में पानी पीना, हल्के कपड़े पहनना और शरीर को हाइड्रेट रखना बेहद जरूरी है। बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों को विशेष सतर्क रहने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग के अनुसार यदि वर्तमान परिस्थितियां बनी रहीं, तो आने वाले दिनों में प्रदेश में गर्मी और अधिक विकराल रूप ले सकती है।