भोपाल: मध्यप्रदेश में सफाई कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात के बाद सफाईकर्मियों ने अपनी तीन दिन से जारी हड़ताल खत्म कर दी है। राज्य मंत्री कृष्णा गौर के नेतृत्व में सफाई कर्मचारियों के प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास पहुंचकर अपनी मांगें रखीं। मुख्यमंत्री ने सभी मांगों पर गंभीरता से विचार करने का आश्वासन दिया है। इसके लिए एक उच्चस्तरीय कमेटी गठित की गई है, जो एक महीने के भीतर चार प्रमुख मांगों पर प्रक्रिया शुरू करेगी। सरकार के फैसले से सफाई कर्मचारियों की सैलरी 18 से 20 हजार रुपये तक पहुंचने और लंबे समय से काम कर रहे दैनिक वेतनभोगियों के नियमितीकरण का रास्ता खुल सकता है।
मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद सफाईकर्मियों की हड़ताल खत्म
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात के बाद सफाई कर्मचारियों ने हड़ताल समाप्त करने का फैसला लिया। इसके बाद कर्मचारी काम पर लौट आए हैं और कुछ क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था भी दोबारा शुरू हो गई है।मुख्यमंत्री ने कहा कि सफाई कर्मचारियों की हड़ताल खत्म हो गई है। हमारी सरकार हर कर्मचारी के साथ खड़ी है।
20 हजार रुपये तक हो सकती है सफाईकर्मियों की सैलरी
दरअसल, अखिल भारतीय सफाई मजदूर ट्रेड यूनियन के नेतृत्व में कर्मचारी वेतन बढ़ाने समेत चार प्रमुख मांगों को लेकर हड़ताल पर थे। कर्मचारियों की मांग थी कि उनका मासिक वेतन 10,500 रुपये से बढ़ाकर 25 हजार रुपये किया जाए।
अब मुख्यमंत्री के साथ हुई बैठक के बाद वेतन वृद्धि पर विचार के लिए उच्चस्तरीय कमेटी बनाई गई है। प्रस्ताव के अनुसार, जिन कर्मचारियों की सेवा 10 साल की निर्धारित अवधि पूरी नहीं करती, उनका मासिक वेतन बढ़ाकर 18 से 19 हजार रुपये करने पर विचार किया जाएगा। वहीं, अन्य प्रस्तावों के लागू होने से वेतन में और राहत मिलने की उम्मीद है।
10 साल पुराने दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों का होगा नियमितीकरण
सफाई कर्मचारियों की सबसे बड़ी मांग लंबे समय से काम कर रहे दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को नियमित करने की है।सरकार की ओर से गठित कमेटी इस मांग पर भी निर्णय लेगी। जिन दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों की सेवा के 10 साल पूरे हो चुके हैं, उन्हें विनियमित करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इससे वर्षों से अस्थायी रूप से काम कर रहे कर्मचारियों को राहत मिल सकती है।
एक महीने में कमेटी शुरू करेगी प्रक्रिया
यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष मगनलाल झांझोट के मुताबिक, मुख्यमंत्री के सामने कर्मचारियों की प्रमुख समस्याएं रखी गईं। मुख्यमंत्री ने सभी बिंदुओं को गंभीरता से सुना और उच्चस्तरीय कमेटी गठित कर दी।कमेटी एक महीने के भीतर चार प्रमुख मांगों पर प्रक्रिया शुरू करेगी।
सफाई कर्मचारियों की इन मांगों पर होगा फैसला
उच्चस्तरीय कमेटी मुख्य रूप से इन मांगों पर विचार करेगी
सफाई कर्मचारियों का नियमितीकरण किया जाएगा।
10 वर्ष की सेवा पूरी कर चुके दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को विनियमित किया जाएगा।
10 वर्ष की सेवा पूरी नहीं करने वाले कर्मचारियों का मासिक वेतन बढ़ाकर 18 से 19 हजार रुपये करने पर विचार होगा।
दिवंगत कर्मचारियों के पति या पत्नी को अनुकंपा नियुक्ति देने पर निर्णय लिया जाएगा।
ठेका प्रथा समाप्त करने के लिए सामान्य प्रशासन विभाग को विधिवत प्रस्ताव भेजा जाएगा।
तीन दिन की हड़ताल से शहरों में बिगड़ी सफाई व्यवस्था
सफाई कर्मचारियों की तीन दिन की हड़ताल का असर शहरों की व्यवस्था पर भी दिखाई दिया। कई इलाकों में सड़कों पर कचरे के ढेर जमा हो गए थे। शुक्रवार को सफाई कर्मचारियों ने टैंकरों से पानी की सप्लाई भी बंद कर दी, जिससे कई क्षेत्रों में जल संकट की स्थिति बन गई।अब हड़ताल खत्म होने के बाद सफाई और पानी की व्यवस्था धीरे-धीरे सामान्य होने की उम्मीद है।