कोलकाता: नबन्ना सभागृह में BSF (सीमा सुरक्षा बल) को जमीन हस्तांतरण के मौके पर सीमा सुरक्षा और अवैध घुसपैठ को लेकर एक अहम हाई-लेवल बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्य प्रशासन और BSF के बीच समन्वय को और मजबूत करने पर जोर दिया गया।
अवैध घुसपैठ पर कड़ा रुख
बैठक में अवैध घुसपैठ को लेकर सख्त रुख अपनाया गया। स्पष्ट संदेश दिया गया कि सीमा सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी और घुसपैठ पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी।
31 दिसंबर 2024 के बाद बड़ा ऐलान
सरकार की ओर से कहा गया कि 31 दिसंबर 2024 के बाद यदि कोई व्यक्ति अवैध रूप से भारत में प्रवेश करता है, तो उसके खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाएगी। ऐसे लोगों को गिरफ्तार कर आगे की प्रक्रिया के लिए BSF को सौंप दिया जाएगा।
CAA नियमों का हवाला
बैठक में CAA (नागरिकता संशोधन अधिनियम) का हवाला देते हुए कहा गया कि तय समयसीमा तक आए लोगों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी। लेकिन इसके बाद अवैध रूप से आने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस और BSF में बेहतर समन्वय
प्रशासन ने यह भी कहा कि राज्य पुलिस और BSF के बीच समन्वय को लगातार मजबूत किया जा रहा है। आने वाले समय में इसे और प्रभावी बनाने के लिए नियमित बैठकें की जाएंगी, जरूरत पड़ने पर थाना स्तर तक सहयोग बढ़ाया जाएगा।
राजनीतिक और प्रशासनिक संदेश
इस फैसले को राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर बड़ा कदम माना जा रहा है, जिससे सीमा सुरक्षा व्यवस्था और अधिक मजबूत होने की उम्मीद जताई जा रही है।