बर्दवान: पश्चिम बंगाल में शासन बदलते ही अवैध उगाही, कटमनी और जमीन कब्जाने वाले भू-माफियाओं के खिलाफ पुलिस का कड़ा अभियान शुरू हो गया है। इसी कड़ी में बर्दवान शहर से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां पुलिस ने बर्दवान नगर पालिका के कद्दावर पार्षद शहाबुद्दीन खान और सागर राउत नाम के एक अन्य व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों को सोमवार को बर्दवान अदालत में पेश किया गया। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इस मामले की गहराई से जांच के लिए अदालत से आरोपियों की 7 दिनों की पुलिस हिरासत (रिमांड) मांगी गई है। इस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी के बाद से पूरे शहर के राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।
गले पर चाकू रखकर जमीन छीनी, ₹10 लाख की कटमनी वसूली
बर्दवान शहर में रंगदारी, जमीन कब्जाने और कटमनी की शिकायतें लंबे समय से आ रही थीं, लेकिन सत्ता बदलते ही पुलिस ने इस पर कड़ा एक्शन लिया है। पुलिस के अनुसार, यह पूरी कार्रवाई बर्दवान शहर के शाहचेतन इलाके के निवासी शेख रतन नामक व्यक्ति द्वारा दर्ज कराई गई लिखित शिकायत के आधार पर की गई है।
पीड़ित शेख रतन का आरोप है कि पार्षद शहाबुद्दीन और उसके गुर्गों ने उनके गले पर चाकू रखकर जबरन 3 कट्ठा जमीन छीन ली। इसके अलावा उन पर पिस्तौल व अन्य हथियारों का डर दिखाकर 13 कट्ठा जमीन और लिखवा ली गई। सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ है कि पीड़ित को अपनी ही जमीन का इस्तेमाल करने के एवज में ₹10 लाख की कटमनी (रंगदारी) देनी पड़ी थी। आरोपी पार्षद पर पीड़ित की जमीन की बाउंड्री वॉल (दीवार) तोड़ने का भी आरोप है। पुलिस इस मामले में शामिल अन्य आरोपियों की भी सरगर्मी से तलाश कर रही है।
पूर्व विधायक खोकन दास का बेहद करीबी है आरोपी पार्षद
गिरफ्तार पार्षद शहाबुद्दीन खान को इलाके में बेहद प्रभावशाली माना जाता है और वह बर्दवान के पूर्व विधायक खोकन दास का अत्यंत करीबी और वफादार सहयोगी बताया जाता है। सत्ता के रसूख के कारण अब तक उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो पा रही थी, लेकिन राज्य का प्रशासनिक ढर्रा बदलते ही वह पुलिस के शिकंजे में आ गया।
पार्षद का दावा- "यह राजनीतिक साजिश है"
दूसरी ओर, आरोपी पार्षद शहाबुद्दीन खान ने खुद पर लगे सभी आरोपों को पूरी तरह से खारिज किया है। अदालत ले जाते समय उसने मीडिया से कहा, "ये सारे आरोप पूरी तरह से झूठे और मनगढ़ंत हैं। अगर कोई मेरे इलाके में जाकर जांच करेगा तो उसे सच्चाई का पता चल जाएगा। इस झूठी शिकायत के पीछे पूरी तरह से राजनीतिक उद्देश्य और गहरी साजिश है।" उसने दावा किया कि थाने के आईसी (प्रभारी) ने उसे किसी मामले में बातचीत के लिए बुलाया था, लेकिन वहां पहुंचते ही उसे हिरासत में ले लिया गया।