कोलकाता: शुभेंदु अधिकारी के करीबी सहयोगी चंद्रनाथ रथ हत्याकांड में केंद्रीय जांच एजेंसी CBI को बड़ी सफलता मिली है। मामले में पहली गिरफ्तारी करते हुए उत्तर प्रदेश से राजकुमार नामक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। सूत्रों के मुताबिक आरोपी हरिद्वार के रास्ते दिल्ली भागने की कोशिश कर रहा था, लेकिन मुजफ्फरनगर के छप्पा टोल प्लाजा से उसे दबोच लिया गया।
फास्टैग बना जांच का सबसे बड़ा सुराग
जांच एजेंसियों के अनुसार, हमलावरों के इस्तेमाल किए गए वाहन के फास्टैग डेटा ने पूरे केस की दिशा बदल दी। टोल प्लाजा से मिले लोकेशन और टाइमिंग डेटा के जरिए पुलिस ने आरोपियों की मूवमेंट ट्रैक की और उत्तर प्रदेश तक पहुंच गई। इसी आधार पर कई राज्यों में छापेमारी की गई।
तीन शार्प शूटर पहले ही गिरफ्तार
इससे पहले SIT ने उत्तर प्रदेश से तीन कथित किराए के शार्प शूटरों को गिरफ्तार किया था। बताया जा रहा है कि हत्या के बाद से ही सभी आरोपी फरार थे। पुलिस का मानना है कि यह हत्या पूरी प्लानिंग और प्रोफेशनल तरीके से अंजाम दी गई।
बिहार-UP बॉर्डर से भी कई आरोपी हिरासत में
सूत्रों के मुताबिक, SIT ने रविवार को बिहार और उत्तर प्रदेश में संयुक्त अभियान चलाया। बिहार-उत्तर प्रदेश सीमा के बक्सर इलाके से मयंक शर्मा, विक्की सिंह और राजबीर सिंह समेत कई लोगों को हिरासत में लिया गया। पूछताछ के लिए सभी को भवानी भवन लाया गया है।
हत्या से पहले की गई थी रेकी
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मयंक शर्मा ने हत्या से पहले पूरे इलाके की रेकी की थी। 6 मई की रात उत्तर 24 परगना के मध्यग्राम में चंद्रनाथ रथ की उनके घर से करीब 200 मीटर दूर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उस समय वह निजाम पैलेस से लौट रहे थे।
7 किलोमीटर तक पीछा कर की गई हत्या
जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि हमलावरों ने करीब सात किलोमीटर तक रथ की SUV का पीछा किया था। हमले में उनके चालक बुद्धदेव बेरा गंभीर रूप से घायल हो गए थे। पुलिस को शुरुआत से ही शक था कि इस हत्याकांड में दूसरे राज्यों के पेशेवर शार्प शूटर शामिल हैं। इसी वजह से SIT की टीमों ने उत्तर प्रदेश, बिहार और ओडिशा में अभियान चलाया।