उत्तर 24 परगना (पश्चिम बंगाल): पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नेताओं की गिरफ्तारी का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। रंगदारी, जबरन वसूली और चुनावी हिंसा के मामलों के बाद अब टीएमसी के एक जनप्रतिनिधि पर बेहद गंभीर और शर्मनाक आरोप लगे हैं। उत्तर 24 परगना जिले के बनगांव नगर पालिका के वार्ड नंबर 22 से टीएमसी पार्षद सुकुमार राय को अपने ही घर में सेक्स रैकेट (मधुचक्र) चलाने के आरोप में पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
गुप्त सूचना पर पुलिस की छापेमारी, बियर की बोतलें बरामद
यह पूरी घटना बनगांव थाना क्षेत्र के कालुपुर पांचपोता इलाके की है। पुलिस को लंबे समय से शिकायत मिल रही थी कि टीएमसी पार्षद सुकुमार राय के घर के अंदर बाहर से महिलाओं और पुरुषों को लाकर देह व्यापार का धंधा चलाया जा रहा है। स्थानीय निवासियों ने कई बार इस पर आपत्ति जताई थी, लेकिन सत्ता के रसूख के कारण पार्षद ने किसी की नहीं सुनी।
18 मई की दोपहर को जब फिर से पार्षद के घर पर संदिग्ध गतिविधियां देखी गईं, तो स्थानीय लोगों की शिकायत के आधार पर पुलिस ने अचानक छापेमारी कर दी। पुलिस ने मौके से पार्षद सुकुमार राय को दो महिलाओं और एक युवक के साथ रंगे हाथों दबोचा। पुलिस ने घटनास्थल से बियर की दो बोतलें भी जब्त की हैं। पकड़ी गई दोनों महिलाएं नदिया जिले के शांतिपुर की रहने वाली बताई जा रही हैं।
वायरल वीडियो: कॉलर पकड़कर ले गई पुलिस, मिन्नतें करते रहे पार्षद
पार्षद सुकुमार राय की गिरफ्तारी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि पुलिस अधिकारी जब टीएमसी पार्षद की शर्ट का कॉलर पकड़कर उन्हें खींचते हुए ले जा रहे थे, तो पार्षद का सारा रसूख हवा हो गया। वे पुलिसकर्मी को बार-बार 'सर-सर' कहकर पुकार रहे थे और छोड़ने की मिन्नतें कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने किसी को फोन करने की कोशिश भी की, लेकिन पास खड़े शख्स ने उनका मोबाइल फोन छीन लिया।
हालांकि, पार्षद ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को खारिज किया है। उनका दावा है कि वे महिलाएं शांतिपुर से उनके घर पर कमरा किराए पर लेने के सिलसिले में आई थीं।
राजनीतिक गलियारों में हड़कंप, बीजेपी ने साधा निशाना
इस घटना के बाद राज्य में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। बनगांव संगठनात्मक जिला भाजपा अध्यक्ष विकास घोष ने कहा, "हमें ग्रामीणों से शिकायत मिली थी कि टीएमसी पार्षद अपने घर में देह व्यापार का धंधा चला रहे थे। पुलिस ने उन्हें और महिलाओं को हिरासत में लिया है। अगर ग्रामीणों के आरोप सही हैं, तो पुलिस को कानून के मुताबिक सख्त से सख्त कदम उठाना चाहिए।"
मुसीबत में टीएमसी: कई प्रभावशाली नेता पहले ही सलाखों के पीछे
पिछले कुछ दिनों में पश्चिम बंगाल के अलग-अलग हिस्सों से टीएमसी के कई बड़े और प्रभावशाली नेताओं या उनके परिजनों को गंभीर आरोपों में गिरफ्तार किया गया है, जिसने ममता बनर्जी सरकार की मुश्किलें बढ़ा दी हैं:
बर्धमान: रंगदारी और वसूली के आरोप में एक टीएमसी पार्षद को उसके सहयोगियों के साथ गिरफ्तार किया गया।
कूचबिहार व माथाभांगा: चुनावी हिंसा और जबरन वसूली के आरोप में ब्लॉक टीएमसी अध्यक्ष और एक पार्षद को दबोचा गया।
गुड़ाप व दुर्गापुर: साल 2021 की चुनावी हिंसा और रंगदारी के मामलों में टीएमसी के क्षेत्रीय और ब्लॉक अध्यक्षों की गिरफ्तारियां हुईं।
दासपुर: रंगदारी के आरोप में पूर्व टीएमसी विधायक के बेटे (जो पंचायत कर्माध्यक्ष भी थे) को गिरफ्तार किया गया।
विष्णुपुर: हथियार मामले में टीएमसी विधायक दिलीप मंडल का बेटा फिलहाल फरार चल रहा है।
इस फेहरिस्त में अब बनगांव के पार्षद का नाम सेक्स स्कैंडल में जुड़ने से तृणमूल कांग्रेस बैकफुट पर आ गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहन जांच की जा रही है और सच्चाई के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई होगी।