अलीपुरद्वार: रिश्तों को शर्मसार करने वाले एक बेहद सनसनीखेज मामले में पश्चिम बंगाल की अलीपुरद्वार जिला अदालत ने एक बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने शराब के नशे में अपने सगे पिता की धारदार हथियार से हमला कर बेरहमी से हत्या करने के दोषी बेटे को उम्रकैद (यावज्जीवन कारावास) की सजा सुनाई है। मंगलवार को अलीपुरद्वार जिला अदालत के न्यायाधीश रमेश प्रधान ने यह ऐतिहासिक फैसला सुनाया। उम्रकैद के साथ-साथ दोषी को 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है, जिसे न चुकाने पर उसे छह महीने अतिरिक्त जेल में काटने होंगे।
शराब के नशे में हुआ था पारिवारिक विवाद
अदालत द्वारा दोषी ठहराए गए कलयुगी बेटे का नाम बबलू बर्मन है। यह खौफनाक वारदात अलीपुरद्वार 1 ब्लॉक के पातलाखावा ग्राम पंचायत के अंतर्गत आने वाले दक्षिण चकोवाखेती गांव में हुई थी।
मामले की पृष्ठभूमि के अनुसार, 18 जुलाई 2024 को बबलू बर्मन का अपने पिता जगबंधु बर्मन के साथ किसी पारिवारिक मुद्दे को लेकर विवाद हुआ था। विवाद इतना बढ़ा कि अत्यधिक शराब के नशे में धुत बबलू ने आपा खो दिया और घर में रखे एक धारदार हथियार से अपने पिता पर ताबड़तोड़ हमला कर उन्हें मौत के घाट उतार दिया। इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद स्थानीय पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी बेटे को गिरफ्तार कर लिया था।
भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत चला मुकदमा
पुलिस ने आरोपी बबलू बर्मन के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103 (1) के तहत हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। इस मामले की अदालती सुनवाई मार्च 2025 में शुरू हुई थी। त्वरित और गहन कानूनी प्रक्रिया के दौरान अदालत में कुल 14 गवाहों के बयान दर्ज किए गए।
दोनों पक्षों के वकीलों की दलीलें और गवाहों के बयानों को बारीकी से परखने के बाद, न्यायाधीश रमेश प्रधान ने सोमवार को बबलू बर्मन को अपने पिता की हत्या का दोषी पाया और मंगलवार को उसे उम्रकैद की सजा का ऐलान कर दिया।
"हमने न्याय की आवाज को दबने नहीं दिया" – सरकारी वकील
अदालत के इस फैसले पर संतोष व्यक्त करते हुए अलीपुरद्वार जिला अदालत के सरकारी वकील सुहृद मजूमदार ने बेहद भावुक और कड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा:"यह समाज को झकझोर देने वाला अपराध था। एक बेटे ने उस पिता की जान ले ली जिसने उसे पाला था। आज आए इस फैसले से साफ है कि हमने न्याय की वाणी को चुपचाप और अंधेरे में रोने नहीं दिया (न्याय को दबने नहीं दिया)। पीड़ित पक्ष को पूरा न्याय मिला है।"