नई दिल्ली. देशभर में बदलते मौसम के बीच बंगाल की खाड़ी में एक निम्न दबाव का क्षेत्र सक्रिय हो गया है। स्काईमेट के मुताबिक यह निम्न दबाव पश्चिम मध्य बंगाल की खाड़ी तक पहुंच चुका है। आज सोमवार 22 सितंबर 2026 को इसके दबाव में तब्दील होने की संभावना है। आगे चलकर यह डीप डिप्रेशन में भी बदल सकता है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार अगर यह सिस्टम और मजबूत होता है तो चक्रवाती तूफान का रूप ले सकता है। सर्दी के मौसम से पहले यह विकास चिंता का विषय बन गया है।
साइक्लोन अर्नब बनने की संभावना
मौसम विभाग की ओर से अभी इसकी पूरी तरह पुष्टि नहीं की गई है लेकिन संभावना जताई जा रही है कि आने वाले कुछ दिनों में बंगाल की खाड़ी में बना निम्न प्रेशर आगे बढ़ सकता है। इसके मजबूत होने पर यह चक्रवाती तूफान में बदल सकता है जिसका नाम अर्नब रखा जाएगा। स्काईमेट ने भी इस संभावना को रेखांकित किया है। अगर साइक्लोन अर्नब बनता है तो तटीय और आसपास के राज्यों में इसका असर साफ दिख सकता है। सिस्टम की गति और दिशा पर नजर रखी जा रही है।
प्रभावित हो सकने वाले राज्य
इस सिस्टम के कारण बिहार और ओडिशा समेत कई राज्यों में खतरा बढ़ गया है। तटीय क्षेत्रों के साथ-साथ अंतर्देशीय इलाकों में भी भारी बारिश की संभावना है। ओडिशा के तटीय जिलों और बिहार के कई हिस्सों में जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति बन सकती है। पश्चिम बंगाल, झारखंड और अन्य पड़ोसी राज्यों में भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने और आवश्यक तैयारियां करने की सलाह दी जा रही है।
भारी बारिश और बाढ़ की चेतावनी
साइक्लोन या डीप डिप्रेशन बनने की स्थिति में कई इलाकों में भयंकर बारिश हो सकती है। तेज बारिश के कारण नदियों में जलस्तर बढ़ने और बाढ़ आने का खतरा है। निचले क्षेत्रों में जलभराव की समस्या गंभीर हो सकती है। किसानों और आम नागरिकों को सतर्क रहने की जरूरत है। मौसम विभाग के अलर्ट पर ध्यान देते हुए आवश्यक सावधानियां बरतनी चाहिए। भारी बारिश से फसलों और संपत्ति को नुकसान पहुंचने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
मौसम विभाग और स्काईमेट का आकलन
स्काईमेट ने स्पष्ट किया है कि बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दबाव आज दबाव में बदल सकता है और आगे डीप डिप्रेशन का रूप ले सकता है। मौसम विभाग अभी पूरी पुष्टि का इंतजार कर रहा है लेकिन सिस्टम की निगरानी जारी है। विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले 24 से 48 घंटों में स्थिति और साफ होगी। नागरिकों से अपील की गई है कि वे आधिकारिक अलर्ट पर ही भरोसा करें और अफवाहों से बचें। सिस्टम के आगे बढ़ने की दिशा और तीव्रता तय करेगी कि कितने राज्य प्रभावित होंगे।