कोलकाता: पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा तथा उन्हें न्याय दिलाने की दिशा में एक और बड़ा और कड़ा कदम उठाया है। पूर्ववर्ती ममता बनर्जी सरकार के कार्यकाल के दौरान कथित तौर पर 'हाशिए' (साइडलाइन) पर धकेली गईं राज्य की तेजतर्रार और निडर आईपीएस अधिकारी दमयंती सेन की मुख्यधारा में शानदार वापसी हुई है। मुख्यमंत्री ने राज्य में पिछले वर्षों के दौरान हुए महिला उत्पीड़न के मामलों की जांच के लिए गठित एक विशेष कमेटी की कमान दमयंती सेन को सौंपी है। सोमवार को नबन्ना में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने खुद इस बात की घोषणा की।
पार्क स्ट्रीट कांड के बाद की गई थीं 'कोने'
याद दिला दें कि 6 फरवरी 2012 की रात कोलकाता के पार्क स्ट्रीट इलाके में एक नाइट क्लब से बाहर निकली सुजैट जॉर्डन नामक महिला के साथ चलती कार में सामूहिक बलात्कार (गैंगरेप) की वीभत्स घटना हुई थी। उस समय तत्कालीन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस घटना को 'साजिश और मनगढ़ंत' (छोटे घटना) करार दिया था। लेकिन पुलिस की जांबाज अधिकारी दमयंती सेन ने सरकार के रुख की परवाह न करते हुए पूरी ईमानदारी से मामले की जांच की और आरोपियों को बेनकाब किया था। इस मामले को सुलझाने के बाद ही उन्हें कथित तौर पर बड़े और महत्वपूर्ण मामलों की जांच से दूर कर दिया गया था और वे लंबे समय तक लगभग कोने में रहीं।
संदेशखाली, कस्बा और बोगतुई मामलों की होगी दोबारा जांच
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने नबन्ना में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पूर्ववर्ती तृणमूल कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, "पिछले शासनकाल के दौरान संदेशखाली से लेकर कस्बा और बोगतुई तक कई महिलाओं और मासूम बच्चों को प्रताड़ित किया गया, उनका उत्पीड़न हुआ। उन तमाम अत्याचारों को दबाने की कोशिश की गई।"
मुख्यमंत्री ने बताया कि इन सभी मामलों की निष्पक्ष और तह तक जांच के लिए राज्य सरकार ने कोलकाता हाई कोर्ट की सेवानिवृत्त (रिटायर्ड) जस्टिस समाप्ति चटर्जी के नेतृत्व में एक उच्च स्तरीय कमेटी का गठन किया है। इस कमेटी के तहत जमीनी स्तर पर जांच का पूरा जिम्मा आईपीएस दमयंती सेन संभालेंगी।
1 जून से काम शुरू करेगी नवनिर्वाचित कमेटी
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, यह नवनिर्वाचित विशेष कमेटी आगामी 1 जून से आधिकारिक तौर पर अपना काम शुरू कर देगी। हालांकि, जांच को गति देने के लिए संबंधित अधिकारी और टीम अभी से ही विभिन्न मामलों से जुड़े अहम दस्तावेज और प्राथमिक जानकारियां (डेटा) जुटाने के काम में लग गए हैं। दमयंती सेन की इस नई भूमिका से राज्य के प्रशासनिक और पुलिस महकमे में भारी हलचल है और आम लोगों को अब लंबित मामलों में न्याय मिलने की उम्मीद जगी है।