फलता उपचुनाव से जांहगीर खान द्वारा नाम वापस लेने के फैसले पर तृणमूल कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि यह उनका व्यक्तिगत निर्णय है, पार्टी का नहीं। पार्टी ने इस घटनाक्रम को लेकर कई गंभीर आरोप भी लगाए हैं।

100 से अधिक कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी का दावा
तृणमूल कांग्रेस का कहना है कि 4 मई को चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद फलता विधानसभा क्षेत्र में ही उसके 100 से अधिक कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया। पार्टी ने इसे राजनीतिक दबाव का हिस्सा बताया है।
पार्टी कार्यालयों में तोड़फोड़ और कब्जे का आरोप
टीएमसी ने आरोप लगाया है कि उसके कई पार्टी कार्यालयों में तोड़फोड़ की गई, उन्हें बंद कर दिया गया और दिनदहाड़े धमकी देकर कब्जा कर लिया गया। पार्टी ने चुनाव आयोग पर भी कार्रवाई न करने का आरोप लगाया है।
“दबाव में कुछ कार्यकर्ता पीछे हटे” - तृणमूल
पार्टी का कहना है कि लगातार दबाव और कथित उत्पीड़न के कारण कुछ कार्यकर्ता मैदान छोड़ने को मजबूर हुए। हालांकि अधिकांश कार्यकर्ता अब भी डटे हुए हैं।
भाजपा पर तीखा हमला
तृणमूल कांग्रेस ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि वह बंगला विरोधी राजनीति कर रही है और एजेंसियों व प्रशासन के जरिए दबाव बना रही है। पार्टी ने कहा कि उसका संघर्ष पश्चिम बंगाल से लेकर दिल्ली तक जारी रहेगा।