कोलकाता। पश्चिम बंगाल में 4 मई को विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित होते ही तृणमूल कांग्रेस शासित नगरपालिकाओं में अस्थिरता देखने को मिली। कई नगर प्रमुख और पार्षद अचानक गायब हो गए,जिससे प्रशासनिक कामकाज प्रभावित हुआ है।
नगरपालिका में बैठक और समीक्षा
नगर सेवाओं को सुचारु रखने के उद्देश्य से सोमवार को नोआपाड़ा के विधायक अर्जुन सिंह ने गरुलिया नगरपालिका पहुंचकर नगर प्रमुख और अधिकारियों के साथ अहम बैठक की। इस दौरान विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली की समीक्षा की गई।
अर्जुन सिंह का सख्त बयान
बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में विधायक अर्जुन सिंह ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि जो भी लोग भ्रष्टाचार में शामिल पाए जाएंगे, उन्हें जेल जाना ही होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि करीब 100 कर्मचारी बिना किसी कार्य के वेतन प्राप्त कर रहे थे।
गंभीर आरोपों का खुलासा
उन्होंने यह भी दावा किया कि एक पार्षद के पुत्र ने ढाई साल तक कोई काम नहीं किया, फिर भी वेतन उठाता रहा। इस तरह की अनियमितताओं को गंभीर बताते हुए उन्होंने तत्काल जांच की मांग की।
7 दिनों में रिपोर्ट का निर्देश
विधायक ने कहा कि सभी मामलों की रिपोर्ट सात दिनों के भीतर जमा करने के निर्देश दिए गए हैं। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
नगर प्रमुख की प्रतिक्रिया
नगर प्रमुख रमें दास ने कहा कि यदि भ्रष्टाचार साबित होता है तो संबंधित लोगों के खिलाफ उचित और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।