नई दिल्ली. उत्तर भारत से लेकर मध्य भारत तक इस समय गर्मी अपने चरम पर पहुंचती दिखाई दे रही है। सूरज की तेज तपिश और झुलसा देने वाली हवाओं ने लोगों का घर से बाहर निकलना मुश्किल कर दिया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में भीषण हीटवेव को लेकर गंभीर चेतावनी जारी की है। कई इलाकों में तापमान 46 से 48 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है, जिससे सड़कें तपते तवे जैसी महसूस हो रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि मई महीने में इस स्तर की गर्मी असामान्य मानी जा रही है।
पछुआ हवाओं ने बढ़ाई गर्मी की मार
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अचानक बढ़ी इस गर्मी के पीछे हवाओं की दिशा में बदलाव सबसे बड़ा कारण है। पिछले कुछ दिनों तक वातावरण में नमी और अपेक्षाकृत ठंडी हवाओं का असर बना हुआ था, लेकिन अब पाकिस्तान और राजस्थान की दिशा से आने वाली सूखी पछुआ हवाओं ने पूरे उत्तर भारत को अपनी चपेट में ले लिया है। इन हवाओं में नमी लगभग नहीं होती, जिसके कारण तापमान तेजी से बढ़ता है। विशेषज्ञ इस स्थिति की तुलना एक विशाल ‘हेयर ड्रायर’ से कर रहे हैं, जो लगातार गर्म हवा फेंककर पूरे क्षेत्र को झुलसा रहा है।
राजस्थान और मध्य भारत में सबसे ज्यादा खतरा
भारतीय मौसम विभाग ने अगले पांच दिनों तक पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, राजस्थान, मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में लू चलने की चेतावनी जारी की है। विशेष रूप से राजस्थान के कुछ इलाकों में तापमान 48 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंचने की आशंका जताई गई है। दोपहर के समय गर्म हवाओं का असर इतना तीव्र हो सकता है कि कुछ मिनटों तक धूप में रहने से भी शरीर पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। प्रशासन ने अस्पतालों और आपदा प्रबंधन इकाइयों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
गर्म रातें बढ़ा रही हैं स्वास्थ्य का खतरा
इस बार की गर्मी केवल दिन तक सीमित नहीं है। मौसम विभाग के अनुसार कई शहरों में रात का तापमान भी सामान्य से काफी अधिक बना हुआ है। जब रात के समय भी वातावरण ठंडा नहीं होता, तो शरीर को दिनभर की गर्मी से उबरने का पर्याप्त समय नहीं मिल पाता। डॉक्टरों का कहना है कि यह स्थिति विशेष रूप से बुजुर्गों, छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं और खुले में काम करने वाले मजदूरों के लिए बेहद खतरनाक हो सकती है। लगातार गर्म वातावरण शरीर में पानी की कमी, हीट स्ट्रोक और थकावट जैसी गंभीर समस्याओं को जन्म दे सकता है।
मानसून से मिलेगी राहत, लेकिन इंतजार अभी बाकी
भीषण गर्मी के बीच मौसम विभाग ने एक राहत भरी संभावना भी जताई है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार इस वर्ष दक्षिण-पश्चिम मानसून केरल में सामान्य समय से थोड़ा पहले यानी 26 मई के आसपास दस्तक दे सकता है। हालांकि उत्तर और मध्य भारत के अधिकांश हिस्सों को मानसून की बारिश के लिए अभी जून के अंतिम सप्ताह तक इंतजार करना पड़ सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि तब तक लोगों को लू और अत्यधिक तापमान से बचाव के उपायों पर विशेष ध्यान देना होगा।
हीटवेव से बचाव के लिए जरूरी सावधानी
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है। शरीर में पानी की कमी न हो, इसके लिए नियमित रूप से पानी पीना बेहद जरूरी बताया गया है, भले ही प्यास महसूस न हो। नारियल पानी, नींबू पानी, छाछ और ORS जैसे पेय पदार्थ शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद कर सकते हैं। बाहर निकलते समय हल्के रंग के ढीले सूती कपड़े पहनने और सिर को कपड़े या टोपी से ढककर रखने की सलाह दी गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले कुछ दिन अत्यधिक चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं और थोड़ी सी लापरवाही भी स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाल सकती है।