जामनगर. 53 वर्षीय हथिनी जॉयमोती के लिए जुलाई का दूसरा सप्ताह जीवन का सबसे कठिन दौर साबित हुआ। नागालैंड में आई भीषण बाढ़ के दौरान वह तेज बहाव की चपेट में आ गई और पानी में बह गई। बाद में स्थानीय समुदायों और सरकारी एजेंसियों की मदद से उसे सुरक्षित निकाला गया, लेकिन इस संघर्षपूर्ण घटना ने उसके शरीर पर गहरे घाव छोड़ दिए। बचाव के बाद उसकी हालत को देखते हुए स्थानीय स्तर पर प्राथमिक उपचार शुरू किया गया, मगर उम्र, पुरानी शारीरिक समस्याओं और नई गंभीर चोटों के कारण उसे अधिक उन्नत चिकित्सा सुविधा की आवश्यकता महसूस हुई।
शरीर पर कई घाव, आंख की गंभीर चोट ने बढ़ाई चिंता
जॉयमोती को बाढ़ के दौरान शरीर के कई हिस्सों में चोटें आईं। उसके माथे, दाहिने कान, पूंछ के ऊपर के हिस्से, बाईं जांघ और पेट पर घाव बताए गए हैं। उसकी दाहिनी आंख भी गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हुई है, जिससे उस आंख की दृष्टि प्रभावित हुई है और लगातार पानी आने की समस्या बनी हुई है। इसके अलावा, उसके शरीर पर कुछ ऐसे घाव भी हैं जिनके लिए विशेष उपचार और लगातार चिकित्सकीय निगरानी जरूरी है। इतनी अधिक चोटों के कारण केवल सामान्य उपचार पर्याप्त नहीं माना गया और विशेषज्ञ पशु चिकित्सकों की देखरेख में इलाज का निर्णय लिया गया।
पुरानी चोट ने पहले से ही मुश्किल बना रखा था चलना-फिरना
जॉयमोती की परेशानी केवल बाढ़ से लगी चोटों तक सीमित नहीं है। उसके पिछले बाएं पैर में पुरानी चोट के कारण लंबे समय से लंगड़ापन बताया गया है, जिससे उसकी सामान्य गतिशीलता प्रभावित होती रही है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार यह समस्या उसके पहले के जीवन में लगी गंभीर चोट से जुड़ी है और इसके कारण उसके लिए भोजन तथा पानी तक सहज पहुंच भी चुनौतीपूर्ण हो सकती है। ऐसे में नई चोटों और बढ़ती उम्र ने उसकी चिकित्सा स्थिति को और जटिल बना दिया। विशेषज्ञ उपचार के लिए उसे ऐसी जगह पहुंचाने की जरूरत महसूस हुई, जहां जांच, पुनर्वास और दीर्घकालिक देखभाल की सुविधाएं एक साथ उपलब्ध हों।
सड़क के बजाय हवाई मार्ग चुना गया, ताकि कम हो शारीरिक दबाव
जॉयमोती को लंबी सड़क यात्रा के बजाय विशेष विमान से जामनगर पहुंचाने का निर्णय उसकी चिकित्सा जरूरतों को ध्यान में रखकर लिया गया। घायल और उम्रदराज हथिनी के लिए लंबे समय तक सड़क मार्ग से यात्रा करना अतिरिक्त शारीरिक दबाव पैदा कर सकता था। हवाई स्थानांतरण के दौरान पशु चिकित्सकीय तैयारी, सुरक्षा और उसकी शारीरिक स्थिति पर विशेष ध्यान दिया गया। रिपोर्टों के अनुसार, गहन अस्पताल उपचार के लिए किसी हाथी को हवाई मार्ग से स्थानांतरित करने की यह भारत में अपनी तरह की पहली पहल मानी जा रही है, जो वन्यजीव चिकित्सा और आपातकालीन बचाव व्यवस्था के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है।
वंतारा में होगी विस्तृत जांच और विशेषज्ञ उपचार
जामनगर पहुंचने के बाद जॉयमोती की विस्तृत पशु चिकित्सकीय जांच की जाएगी। उसके घावों, आंख की स्थिति, पुराने पैर की चोट और समग्र स्वास्थ्य का मूल्यांकन कर उपचार की आगे की योजना बनाई जाएगी। वंतारा की आधिकारिक जानकारी के अनुसार यहां हाथियों के लिए उन्नत चिकित्सा और देखभाल सुविधाएं उपलब्ध हैं, जिनमें विशेष उपचार, गतिशीलता सुधारने से जुड़ी देखभाल और जटिल स्वास्थ्य समस्याओं के लिए विशेषज्ञ पशु चिकित्सा शामिल है। जॉयमोती के मामले में प्राथमिक लक्ष्य उसकी चोटों का उपचार, संक्रमण पर नियंत्रण और उसे सुरक्षित एवं सम्मानजनक जीवन की बेहतर संभावना देना है।
असम और पूर्वोत्तर में स्थानीय चिकित्सा क्षमता बढ़ाने की भी तैयारी
जॉयमोती का मामला केवल एक हथिनी के उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दूरदराज क्षेत्रों में वन्यजीवों के लिए उन्नत पशु चिकित्सा सुविधाओं की आवश्यकता को भी रेखांकित करता है। वंतारा की ओर से असम में 3 वन्यजीव पशु चिकित्सा देखभाल केंद्र स्थापित करने का प्रस्ताव रखा गया है, जिनमें हाथियों के लिए विशेष सुविधा भी शामिल होगी। इसका उद्देश्य भविष्य में घायल वन्यजीवों को उनके क्षेत्र के नजदीक ही समय पर उपचार उपलब्ध कराना है, ताकि हर गंभीर मामले में लंबी दूरी तक स्थानांतरण की आवश्यकता न पड़े। प्रस्तावित व्यवस्था स्थानीय वन विभाग की स्वतंत्र कार्यप्रणाली के तहत क्षेत्रीय चिकित्सा क्षमता को मजबूत करने पर केंद्रित बताई गई है।
इलाज के बाद क्या होगा, जॉयमोती की सेहत तय करेगी अगला कदम
जॉयमोती को जामनगर लाने का उद्देश्य स्थायी स्थानांतरण नहीं, बल्कि उसकी मौजूदा गंभीर चिकित्सा जरूरतों को प्राथमिकता देना बताया गया है। उसकी आगे की देखभाल और भविष्य की योजना उसके उपचार, स्वास्थ्य लाभ और विशेषज्ञों के आकलन पर निर्भर करेगी। बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं में वन्यजीव भी उतने ही गंभीर संकट का सामना करते हैं, लेकिन जॉयमोती का बचाव और अब उसका विशेष उपचार यह उदाहरण प्रस्तुत करता है कि समय पर बचाव, वैज्ञानिक चिकित्सा और संवेदनशील देखभाल मिलकर किसी घायल जीव को जीवन का नया अवसर दे सकते हैं।