कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति में सत्ता परिवर्तन के बाद हर दिन बड़े बदलाव देखने को मिल रहे हैं। एक तरफ जहां विपक्ष ने अपनी कमर कस ली है, वहीं दूसरी तरफ मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने नबान्न (सचिवालय) में कदम रखते ही कड़े फैसले लेने शुरू कर दिए हैं।
शोभनदेब चट्टोपाध्याय होंगे नेता प्रतिपक्ष
ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने विधानसभा में अपनी भूमिका तय कर ली है। अनुभवी नेता शोभनदेब मुखोपाधि को विपक्ष का नेता (Leader of Opposition) चुना गया है। उनके साथ असीमा पात्र और नयना बनर्जी को उप-नेता बनाया गया है, जबकि फिरहाद हकीम मुख्य सचेतक (Whip) की जिम्मेदारी संभालेंगे। 80 सदस्यों वाले विपक्ष के साथ शोभनदेब अब सदन में सरकार को घेरने का काम करेंगे।
अभिषेक बनर्जी की सुरक्षा में कटौती
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कार्यभार संभालते ही सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। इसके तहत टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी की Z+ सुरक्षा वापस ले ली गई है। नबान्न से जारी निर्देश के अनुसार, अभिषेक को अब केवल वही सुरक्षा मिलेगी जो एक सामान्य सांसद को दी जाती है। मुख्यमंत्री का तर्क है कि एक सांसद को इतनी भारी सुरक्षा और पुलिस बल की आवश्यकता नहीं है। इससे पहले उनके घर के सामने से भी पुलिस पहरा हटा दिया गया था।
पूर्व मंत्री सुजित बोस को ED ने किया गिरफ्तार
नगर निकाय भर्ती घोटाले (Municipality Recruitment Scam) में घिरे पूर्व अग्निशमन मंत्री सुजित बोस की मुश्किलें बढ़ गई हैं। सोमवार को करीब 10 घंटे की मैराथन पूछताछ के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। ईडी का कहना है कि उनके बयानों में काफी विसंगतियां थीं। गिरफ्तारी से पहले उनके बेटे से भी पूछताछ की गई थी। सुजित बोस को मंगलवार सुबह अदालत में पेश किया जाएगा।
महिलाओं के लिए सरकारी बसों में मुफ्त सफर
चुनावी वादे को पूरा करते हुए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने घोषणा की है कि अब पश्चिम बंगाल में महिलाएं सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा कर सकेंगी। दिल्ली, कर्नाटक और तमिलनाडु की तर्ज पर बंगाल में भी 'स्त्री शक्ति' को बढ़ावा देने के लिए यह फैसला लिया गया है। यह भाजपा के 'संकल्प पत्र' का एक प्रमुख हिस्सा था, जिसे सरकार ने पहली ही कैबिनेट बैठकों के बाद लागू करने का निर्देश दिया है।