नई दिल्ली - Union Public Service Commission ने सिविल सेवा परीक्षा प्रक्रिया में बड़ा बदलाव करते हुए अभ्यर्थियों को बड़ी राहत दी है। अब यूपीएससी सिविल सर्विसेज प्रीलिम्स परीक्षा के तुरंत बाद प्रोविजनल आंसर-की जारी की जाएगी। आयोग का कहना है कि इस फैसले से परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी और उम्मीदवारों को समय रहते अपने प्रदर्शन का आकलन करने में मदद मिलेगी।
अभ्यर्थियों को मिलेगा बड़ा फायदा
अब तक अभ्यर्थियों को प्रीलिम्स परीक्षा के बाद आंसर-की के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता था। कई बार मुख्य परीक्षा प्रक्रिया शुरू होने के बाद आंसर-की जारी होती थी, जिससे उम्मीदवारों में असमंजस की स्थिति बनी रहती थी। नई व्यवस्था लागू होने के बाद छात्र परीक्षा खत्म होते ही अपने उत्तरों का मिलान कर सकेंगे और यह अंदाजा लगा पाएंगे कि वे अगले चरण के लिए क्वालीफाई कर सकते हैं या नहीं।
पारदर्शिता बढ़ाने की पहल
यूपीएससी के अनुसार यह कदम परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और अभ्यर्थी-केंद्रित बनाने की दिशा में उठाया गया है। आयोग का मानना है कि समय पर प्रोविजनल आंसर-की जारी होने से उम्मीदवारों को किसी भी प्रश्न पर आपत्ति दर्ज कराने का भी पर्याप्त अवसर मिलेगा।
24 मई को होगी प्रीलिम्स परीक्षा
यूपीएससी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2026 का आयोजन रविवार, 24 मई 2026 को किया जाएगा। देशभर में लाखों अभ्यर्थी इस परीक्षा में शामिल होंगे। परीक्षा के तुरंत बाद आयोग द्वारा प्रोविजनल आंसर-की जारी किए जाने की तैयारी की जा रही है।
छात्रों और विशेषज्ञों ने किया स्वागत
यूपीएससी के इस फैसले का छात्रों और शिक्षा विशेषज्ञों ने स्वागत किया है। उनका मानना है कि इससे परीक्षा प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी और अभ्यर्थियों का भरोसा भी मजबूत होगा। साथ ही उम्मीदवार मुख्य परीक्षा की तैयारी को लेकर समय रहते बेहतर रणनीति बना सकेंगे।