कोलकाता: पश्चिम बंगाल सरकार की कैबिनेट बैठक में राज्य कर्मचारियों के लिए एक बड़ा फैसला लिया गया है। बैठक में सातवें राज्य वेतन आयोग (7th Pay Commission) के गठन को मंजूरी दे दी गई है। इस फैसले के बाद राज्य के सरकारी कर्मचारियों के वेतन ढांचे में संशोधन की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
वेतन ढांचे में होगा संशोधन
मंत्री Agnimitra Paul ने जानकारी दी कि यह आयोग राज्य के सरकारी कर्मचारियों, बोर्ड, निगम, स्थानीय निकायों और शैक्षणिक संस्थानों में कार्यरत कर्मचारियों के वेतन ढांचे को बेहतर बनाने के लिए गठित किया जाएगा। आयोग की अधिसूचना (notification) जल्द ही जारी की जाएगी, जिसमें पूरी प्रक्रिया और समयसीमा स्पष्ट की जाएगी।
DA पर नहीं हुई चर्चा
DA (महंगाई भत्ता) को लेकर पूछे गए सवाल पर मंत्री ने साफ किया कि कैबिनेट बैठक में इस विषय पर कोई चर्चा नहीं हुई। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा एजेंडे में शामिल नहीं था, लेकिन भविष्य में इस पर विचार किया जा सकता है।
लंबे समय से चल रहा है DA विवाद
राज्य में DA को लेकर सरकारी कर्मचारियों की मांग लंबे समय से जारी है। कर्मचारी केंद्र के समान महंगाई भत्ता देने की मांग कर रहे हैं। इस मुद्दे पर कई बार आंदोलन और प्रदर्शन भी हो चुके हैं, साथ ही मामला अदालत तक भी पहुंच चुका है।
कर्मचारियों में उम्मीद की लहर
सातवें वेतन आयोग के गठन के फैसले के बाद राज्य के कर्मचारियों में उम्मीद की नई किरण देखी जा रही है। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि यह कदम सकारात्मक है और इससे भविष्य में वेतन और भत्तों को लेकर समाधान निकलने की संभावना बढ़ेगी।
कर्मचारी संगठन के नेता Bhaskar Ghosh ने कहा कि वे पिछले कई वर्षों से इस मांग को लेकर संघर्ष कर रहे हैं और वे सरकार के इस फैसले को सकारात्मक संकेत के रूप में देख रहे हैं।