कोलकाता: पश्चिम बंगाल की महिलाओं के लिए एक बड़ी और महत्वपूर्ण खबर है। राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी 'अन्नपूर्णा योजना' का पैसा आगामी 1 जून से सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में पहुंचना शुरू हो जाएगा। मंगलवार को राज्य सरकार द्वारा इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना (नोटिफिकेशन) भी जारी कर दी गई है। इस अधिसूचना में साफ किया गया है कि जो महिलाएं पहले से 'लक्ष्मी भंडार' योजना का लाभ उठा रही हैं, उन्हें अन्नपूर्णा योजना के लिए अलग से कोई आवेदन करने की आवश्यकता नहीं होगी। हालांकि, जो महिलाएं नई लाभार्थी के रूप में जुड़ना चाहती हैं, उनके लिए 1 जून से एक विशेष ऑनलाइन पोर्टल शुरू किया जा रहा है।
क्या हैं योजना की शर्तें और पात्रता?
सरकारी अधिसूचना के अनुसार, इस योजना का लाभ उठाने के लिए निम्नलिखित नियमों का पालन करना होगा:
आयु सीमा: महिला आवेदक की उम्र 25 से 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
सरकारी कर्मी: केंद्र या राज्य सरकार, या सरकार द्वारा सहायता प्राप्त किसी भी संस्थान के कर्मचारी, शिक्षक, गैर-शिक्षण कर्मचारी (शिक्षाकर्मी) और पेंशनभोगी इस योजना के पात्र नहीं होंगे।
आयकर दाता: जो महिलाएं आयकर (Income Tax) देती हैं (यानी जिनकी वार्षिक आय 7 लाख रुपये से अधिक है), उन्हें इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा।
वोटर लिस्ट: जिन लोगों के नाम मतदाता सूची (Voter List) से कट गए हैं, वे भी अन्नपूर्णा योजना के लाभ से वंचित रहेंगे।
कैसे होगी आवेदनों की जांच?
नए आवेदकों के दस्तावेजों और पात्रता की जांच ग्रामीण क्षेत्रों में ब्लॉक विकास अधिकारी (BDO) और शहरी क्षेत्रों में सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट (SDM) करेंगे। वे योग्य पाए गए आवेदकों की सूची जिला मजिस्ट्रेट (DM) के पास भेजेंगे। कोलकाता के मामले में, आवेदनों की जांच नगर निगम के अधिकारियों द्वारा की जाएगी और अंतिम मंजूरी म्यूनिसिपल कमिश्नर देंगे।
बैंकों में उमड़ी भीड़, सरकार ने दी सफाई
भले ही लक्ष्मी भंडार के लाभार्थियों को नए आवेदन की जरूरत नहीं है, लेकिन राज्य के विभिन्न हिस्सों में अन्नपूर्णा योजना को लेकर महिलाओं के बीच भ्रम की स्थिति बनी हुई है। हर दिन सुबह से ही बैंकों में महिलाओं की लंबी कतारें लग रही हैं। कोई अपने खाते का केवाईसी (KYC) अपडेट कराने पहुंच रहा है, तो कोई जॉइंट अकाउंट को सिंगल अकाउंट में बदलने की कोशिश में है।
हुगली के बैद्यबाटी स्थित एक सरकारी बैंक के मैनेजर ने बताया कि मंगलवार सुबह करीब 500 महिलाएं बैंक शाखा में उमड़ पड़ीं। उनमें से अधिकांश अपने खाते को लिंक कराने और केवाईसी अपडेट कराने के लिए आ रही थीं, जबकि उनका केवाईसी पहले से ही अपडेटेड था। महिलाओं को डर है कि अगर खाता अपडेट नहीं हुआ तो पैसे नहीं आएंगे।
नया खाता खोलने पर नुकसान: बैंक अधिकारियों द्वारा महिलाओं को समझाया जा रहा है कि इस समय नया सिंगल अकाउंट खोलने से वे खुद ही मुश्किल में पड़ सकती हैं। चूंकि सरकार के डेटाबेस में उनका पुराना खाता नंबर दर्ज है, इसलिए पैसा उसी खाते में जाएगा। पोर्टल खुलने के बाद बाद में अकाउंट नंबर अपडेट किया जा सकता है।
फर्जी फॉर्म भरने से बचें, नबन्ना की चेतावनी
राज्य मुख्यालय 'नबन्ना' ने स्पष्ट कर दिया है कि कुछ जिलों से अन्नपूर्णा योजना के नाम पर छपे हुए फॉर्म भरवाए जाने की शिकायतें मिल रही हैं, जो कि पूरी तरह गलत हैं। सरकार ने साफ किया है कि इस तरह के किसी भी ऑफलाइन फॉर्म को भरने की जरूरत नहीं है।