कोलकाता : पश्चिम बंगाल में डीए को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच सरकार ने फिलहाल इस मुद्दे को बाद के लिए टाल दिया है। कैबिनेट बैठक के बाद भाजपा विधायक अग्निमित्रा पाल ने संकेत दिया कि राज्य में जल्द ही सातवें वेतन आयोग के गठन की घोषणा की जा सकती है। उन्होंने कहा कि सरकार के सामने फिलहाल कई जरूरी काम हैं, जिन्हें प्राथमिकता के आधार पर पूरा करना होगा।
“समय कम, काम ज्यादा”
अग्निमित्रा पाल ने कहा कि मंत्रिमंडल की बैठक एक तय एजेंडे के तहत हुई। डीए और अन्य मुद्दे महत्वपूर्ण हैं, लेकिन वर्तमान में सरकार का ध्यान जनता से किए गए वादों और जरूरी प्रशासनिक कामों पर है। उन्होंने कहा कि समय बहुत कम है और काम बहुत ज्यादा, इसलिए प्राथमिकताओं को ध्यान में रखकर फैसले लिए जा रहे हैं।
अन्नपूर्णा भंडार और मुफ्त बस सेवा पर फोकस
उन्होंने बताया कि सरकार जल्द ही ‘अन्नपूर्णा भंडार’ योजना समेत अन्य वादों को लागू करने की दिशा में काम कर रही है। इसके अलावा सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा को भी जल्द शुरू करने की तैयारी है। सरकार चाहती है कि आम लोगों को राहत देने वाले फैसलों को पहले लागू किया जाए।
मानसून से पहले सफाई और ड्रेनेज पर जोर
आगामी मानसून को देखते हुए सरकार ने नगरपालिकाओं और निगमों में लंबित पड़े ड्रेनेज, कचरा सफाई और स्ट्रीट लाइटिंग जैसे कामों को प्राथमिकता देने का फैसला किया है। अग्निमित्रा पाल ने आरोप लगाया कि पिछली सरकार के कई पार्षद काम नहीं कर रहे थे, जिसके कारण कई परियोजनाएं अधूरी पड़ी हैं।
“लोगों को परेशानी न हो, यही प्राथमिकता”
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने साफ निर्देश दिया है कि पहले जनता से जुड़े जरूरी काम पूरे किए जाएं ताकि लोगों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। जिन मुद्दों पर आज चर्चा नहीं हो सकी, उन पर बाद में विस्तार से विचार किया जाएगा।